Judgment Fast: ठाणे जिले की एक अदालत ने महिला से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को सिर्फ 35 दिन में दोषी ठहराते हुए एक साल की सश्रम जेल की सजा सुनाई है।
एफआईआर 3 जून 2025 को हुई थी
यह फैसला मंगलवार को कल्याण की अदालत ने सुनाया। आरोपी ओंकार विक्रांत निकलजे (29) पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इसमें से 2500 रुपए पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे, जबकि बाकी रकम सरकारी खजाने में जमा होगी। ठाणे पुलिस के मुताबिक, यह मामला तेज कार्रवाई और त्वरित न्याय का उदाहरण है। एफआईआर 3 जून 2025 को कल्याण डिविजन के खडकपाड़ा थाने में दर्ज हुई थी। उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और सिर्फ 6 घंटे में चार्जशीट दाखिल कर दी गई।
2 दिन में सुनवाई शुरू
न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने के लिए विशेष निर्देशों के तहत इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की गई। 5 जून को आरोप तय हुए और सुनवाई शुरू हो गई। 8 जुलाई को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (FCJM) आरती शिंदे ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में 48 घंटे में जांच पूरी करने का निर्देश
ठाणे पुलिस ने बताया कि महिलाओं और नाबालिगों से जुड़े अपराधों में तेजी से कार्रवाई के लिए विशेष ऑपरेशनल निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत 48 घंटे में जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने का लक्ष्य रखा गया है। यह केस प्रशासनिक समन्वय और न्यायिक तत्परता का उदाहरण है। यह मामला दिखाता है कि यदि पुलिस और न्यायपालिका मिलकर काम करें तो महिलाओं के खिलाफ अपराधों में त्वरित न्याय संभव है।
कानूनी धाराएं जिनके तहत केस दर्ज हुआ:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74: महिला की मर्यादा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
- धारा 329(3): आपराधिक घुसपैठ और घर में जबरन प्रवेश

