Liquor tetra packs: सुप्रीम कोर्ट ने शराब के टेट्रा पैक बिक्री पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे “खतरनाक और भ्रामक” बताया।
बच्चों व युवाओं को आसानी से छल सकते हैं
शीर्ष अदालत ने कहा कि ऐसे पैकेट देखकर कोई भी इन्हें जूस समझ सकता है और यह बच्चों व युवाओं को आसानी से छल सकते हैं। यह टिप्पणी दो शराब कंपनियों—John Distilleries (Original Choice) और Allied Blenders (Officer’s Choice)—के बीच ट्रेडमार्क विवाद की सुनवाई के दौरान तब हुई, जब वकील अदालत में दोनों कंपनियों के टेट्रा पैक लेकर पहुंचे।
पैकेट देखते ही जस्टिस सूर्यकांत ने कहा—
“ये क्या पैकेट है? जूस? शराब को टेट्रा पैक में बेचने की इजाजत कैसे मिल गई? ये बहुत खतरनाक है। ये तो बच्चे स्कूल-कॉलेज में भी बैग में ले जा सकते हैं।”
“सरकारें सिर्फ राजस्व में रुचि रखती हैं”
जस्टिस ने आश्चर्य जताया कि उन्हें पहली बार पता चल रहा है कि शराब इस तरह के पैक में भी बेची जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई जनहित याचिका दायर करे तो वे इस मुद्दे की जांच करना चाहेंगे। दोनों कंपनियों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकीलों ने कहा कि बाज़ार में कई ब्रांड ऐसे पैक बेचते हैं और राज्य सरकारों की रुचि सिर्फ रेवेन्यू में है।
जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने तीखी टिप्पणी की
“सरकारें लोगों की सेहत पर व्यापार कर रही हैं। स्वास्थ्य पर पड़ने वाला बोझ कितना भयावह है, समझिए।”
ट्रेडमार्क विवाद पर पूर्व जज Nagarjuna Rao होंगे मध्यस्थ
अदालत ने दोनों कंपनियों के बीच वर्षों से चल रहे ट्रेडमार्क विवाद को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एल. नागेश्वर राव को मध्यस्थ नियुक्त किया है और कहा कि मामले की गंभीरता देखते हुए जल्दी निपटारा किया जाए।
Madras HC के आदेश के खिलाफ पहुंची John Distilleries
John Distilleries ने 7 नवम्बर के मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें Original Choice को Officer’s Choice से भ्रमित करने वाला बताते हुए उसका ट्रेडमार्क हटाने का निर्देश दिया गया था। हाई कोर्ट ने कहा था कि दोनों मार्क ध्वन्यात्मक और दृश्य रूप से बेहद मिलते-जुलते हैं। यह विवाद 2013 से चल रहा है, जब IPAB ने दोनों कंपनियों की याचिकाएँ खारिज कर दी थीं, पर हाई कोर्ट ने बाद में उस निर्णय को गलत मानते हुए पलट दिया।

