HomeSupreme CourtMaintenance Case: पति का माता-पिता को पैसे भेजना या पत्नी से खर्च...

Maintenance Case: पति का माता-पिता को पैसे भेजना या पत्नी से खर्च का हिसाब मांगना क्रूरता नहीं…यह रही सुप्रीम टिप्पणी

Maintenance Case: सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक विवाद में पति के खिलाफ दर्ज 498ए और दहेज उत्पीड़न का मामला रद्द कर दिया।

पति का परिवार को आर्थिक मदद देना अपराध नहीं

जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने कहा, पति द्वारा परिवार को आर्थिक मदद देना अपराध नहीं। पत्नी से एक्सेल शीट में खर्चों का विवरण मांगना भी क्रूरता नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि जब तक किसी मानसिक या शारीरिक क्षति का ठोस प्रमाण न हो, तब तक आर्थिक नियंत्रण को क्रूरता नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि पति का अपने माता-पिता या भाई को पैसे भेजना या पत्नी से घरेलू खर्च का हिसाब मांगना न तो क्रूरता है, न ही दहेज की मांग।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर दंपती से जुड़ा है मामला

यह मामला एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर दंपती से जुड़ा है। दोनों की शादी दिसंबर 2016 में हुई थी। वे अमेरिका के मिशिगन में रहते थे। अप्रैल 2019 में बेटे का जन्म हुआ। अगस्त 2019 में पत्नी बेटे के साथ भारत लौट आई। जनवरी 2022 में पति ने दांपत्य अधिकारों की बहाली के लिए नोटिस भेजा। इसके कुछ दिन बाद पत्नी ने पति और उसके परिवार के पांच सदस्यों पर 498ए और दहेज कानून के तहत एफआईआर दर्ज कराई।

सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की एफआईआर

तेलंगाना हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इनकार किया था। इसके बाद पति ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने पति की अपील स्वीकार कर ली और एफआईआर रद्द कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महिला की शिकायत में लगाए गए आरोप अस्पष्ट हैं। दहेज की एक करोड़ रुपए की मांग का कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया गया। न ही किसी खास घटना का जिक्र किया गया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
haze
25 ° C
25 °
25 °
61 %
4.6kmh
75 %
Fri
25 °
Sat
22 °
Sun
30 °
Mon
34 °
Tue
37 °

Recent Comments