Indian Medical Association
MH-IMA: महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) की उस अधिसूचना पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कड़ा विरोध जताया है, जिसमें होम्योपैथ डॉक्टरों को छह महीने का फार्माकोलॉजी कोर्स करने के बाद मॉडर्न दवाएं लिखने की इजाजत दी गई है।
मॉडर्न मेडिकल सिस्टम कमजोर होगा: IMA
IMA ने इसे गलत बताया है और कहा है कि इससे मरीजों को भ्रम होगा और मॉडर्न मेडिकल प्रैक्टिस कमजोर होगी। IMA के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. शिवकुमार उत्तुरे ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह गलत है। हम इसके खिलाफ हैं क्योंकि इससे मरीजों को गुमराह किया जाएगा और मॉडर्न मेडिकल सिस्टम कमजोर होगा। उन्होंने बताया कि यह मामला पहले से ही बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित है और कोर्ट ने इस पर रोक भी लगाई हुई है।
2014 में हुआ था कानून में बदलाव
डॉ. उत्तुरे ने बताया कि 2014 में राज्य सरकार ने महाराष्ट्र होम्योपैथिक प्रैक्टिशनर्स एक्ट और महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल एक्ट 1965 में संशोधन किया था। इसके तहत कुछ शर्तों के साथ होम्योपैथ डॉक्टरों को मॉडर्न दवाएं लिखने की अनुमति दी गई थी। IMA ने इस संशोधन को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
फरवरी 2024 में लिया गया था फैसला
IMA का कहना है कि MMC ने इस साल फरवरी में हुई बैठक में 2014 के संशोधन को लागू करने का फैसला लिया था। इसके बाद 30 जून को अधिसूचना जारी की गई, जिसमें कहा गया कि होम्योपैथ डॉक्टरों के लिए मॉडर्न फार्माकोलॉजी में सर्टिफिकेट कोर्स (CCMP) शुरू किया जाएगा।
15 जुलाई से रजिस्ट्रेशन शुरू
अधिसूचना के अनुसार, महाराष्ट्र मेडिकल एसोसिएशन (MMA) ने सभी CCMP क्वालिफाइड डॉक्टरों को रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए MMA की वेबसाइट पर 15 जुलाई से एक पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिसमें रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और निर्देश दिए जाएंगे।
IMA ने कोर्ट से की जल्द सुनवाई की मांग
IMA ने कहा कि इस अधिसूचना के बाद अब हमें कोर्ट से अपील करनी होगी कि वह इस मामले की सुनवाई जल्द करे। डॉ. उत्तुरे ने कहा कि यह अधिसूचना MMC की वैधानिक और नैतिक जिम्मेदारियों को कमजोर करती है और इससे मरीजों में भ्रम की स्थिति पैदा होगी।







