Bail Condition: हाईकोर्ट ने कहा है कि अग्रिम जमानत देना एक असाधारण अधिकार है और इसका इस्तेमाल भी सिर्फ असाधारण मामलों में ही होना चाहिए।
अग्रिम जमानत की याचिका पर हो रही थी सुनवाई
जस्टिस रविंदर डूडेजा ने कहा कि आरोपी की कस्टडी में पूछताछ जरूरी है और उससे वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी भी होनी है। कोर्ट ने यह टिप्पणी न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी आशीष कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए की। आशीष पर अपने कजिन पर प्रॉपर्टी विवाद को लेकर हमला करने का आरोप है। कोर्ट ने 1 जुलाई को दिए आदेश में कहा, अग्रिम जमानत देने की शक्ति असाधारण है और इसका इस्तेमाल सामान्य रूप से नहीं किया जाना चाहिए।
आरोपी की कस्टडी में पूछताछ जरूरी है
कोर्ट ने अभियोजन की ओर से दाखिल स्टेटस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि शिकायतकर्ता को चोटें आई थीं। हालांकि उसे अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और चोटें साधारण बताई गई हैं, लेकिन आरोपी की कस्टडी में पूछताछ जरूरी है। जज ने कहा, “कानून का साथ वही पाते हैं, जो खुद कानून का पालन करते हैं।
याचिका में किया गया दावा
याचिका में कहा गया था कि आशीष को झूठा फंसाया गया है, क्योंकि पहले से ही दोनों परिवारों के बीच प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। साथ ही यह भी बताया गया कि आशीष ने अब तक जांच में सहयोग नहीं किया है और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। यह भी कहा गया कि शिकायतकर्ता ने विवादित प्रॉपर्टी पर बिना अनुमति के अवैध रूप से किचन बनाना शुरू किया था। जब आशीष ने इसका विरोध किया तो शिकायतकर्ता ने उसके भाई पर हमला कर दिया। आशीष और उसकी मां को भी चोटें आईं, लेकिन शिकायतकर्ता के खिलाफ कोई क्रॉस एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।

