close up photo of medicinal drugs
WEIGHT LOSS DRUGS: दिल्ली हाईकोर्ट ने वजन घटाने के लिए बेची जा रही दवा संयोजनों को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई की।
“देखिए, दो-तीन दिन पहले क्या हुआ
मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह इस विषय में DGCI के समक्ष एक अतिरिक्त प्रस्तुति (representation) दे, जिसमें सभी आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण संलग्न हों। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान हाल ही में हुई लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री शेफाली जरीवाला की मौत की ओर इशारा करते हुए कहा: “देखिए, दो-तीन दिन पहले क्या हुआ…” रिपोर्ट्स के मुताबिक, जरीवाला लंबे समय से एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट ले रही थीं। कोर्ट ने अप्रत्यक्ष रूप से फार्मास्युटिकल उत्पादों के संभावित खतरों पर चिंता जताई। कोर्ट ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को निर्देश दिया है कि वह इस मुद्दे पर विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों से परामर्श लेकर तीन महीने के भीतर निर्णय ले।
यह है मामला
यह याचिका जितेंद्र चौकसे द्वारा दायर की गई थी, जिसमें कहा गया है कि वजन घटाने के लिए जिन दवाओं को बाजार में बेचा जा रहा है, उनके लाइसेंस अपर्याप्त डाटा के आधार पर जारी किए गए हैं। याचिका में कहा गया कि इन दवाओं को मूल रूप से टाइप-2 डायबिटीज़ के इलाज के लिए विकसित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुमोदित किया गया था। लेकिन हाल के वर्षों में इन्हें त्वरित मंजूरी के जरिए मोटापे और वजन नियंत्रण के इलाज में प्रयोग किया जा रहा है, वो भी केवल कम समय के प्रभाव पर आधारित ट्रायल्स के आधार पर। दवाओं के कोई भारत-विशिष्ट परीक्षण नहीं हुए, न ही इनके गंभीर दुष्प्रभावों पर कोई विस्तृत अध्ययन। 18 अप्रैल को केंद्र और DGCI को पहले ही ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। याचिका में यह भी कहा गया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत DCGI ही एकमात्र वैधानिक प्राधिकरण है, जिसे यह सुनिश्चित करना होता है कि दवाओं का प्रयोग सुरक्षित और वैज्ञानिक आधार पर हो।
कोर्ट ने क्या निर्देश दिए
याचिकाकर्ता दो सप्ताह के भीतर DGCI को एक अतिरिक्त प्रतिनिधित्व दे। DGCI इस प्रस्तुति को सभी दस्तावेजों के साथ प्राप्त कर कानून के अनुसार उचित निर्णय ले।DGCI को यह भी निर्देश दिया गया कि वह विशेषज्ञों से परामर्श करे, दवा निर्माताओं और अन्य हितधारकों से राय ले।







