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Judge Transfer: पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जजों के ट्रांसफर पर दायर याचिकाएं खारिज कीं…यह है मामला

Judge Transfer: पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तीन हाईकोर्ट जजों के इस्लामाबाद हाईकोर्ट (IHC) में ट्रांसफर के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज कर दीं।

जस्टिस सरफराज डोगर की IHC के चीफ जस्टिस के तौर पर नियुक्ति बरकरार

फरवरी में IHC के पांच जजों—जस्टिस मोहसिन अख्तर कियानी, जस्टिस तारिक महमूद जहांगीरी, जस्टिस बाबर सत्तार, जस्टिस सरदार एजाज इसहाक खान और जस्टिस समन रिफात इम्तियाज—ने जस्टिस सरफराज डोगर, जस्टिस मोहम्मद आसिफ और जस्टिस खादिम हुसैन सूमरो के ट्रांसफर को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि यह ट्रांसफर कोर्ट में सीनियरिटी के सिद्धांत के खिलाफ है और कानून का उल्लंघन करता है। कोर्ट के इस फैसले से जस्टिस सरफराज डोगर की IHC के चीफ जस्टिस के तौर पर नियुक्ति बरकरार रहेगी।

3-2 के बहुमत से याचिका खारिज की

बाद में जस्टिस डोगर को IHC का चीफ जस्टिस बना दिया गया, जिससे याचिकाकर्ता जजों को आपत्ति हुई। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और कराची बार एसोसिएशन ने भी ट्रांसफर और सीनियरिटी को लेकर याचिकाएं दायर की थीं।सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच ने इन याचिकाओं पर सुनवाई की और 3-2 के बहुमत से इन्हें खारिज कर दिया। जस्टिस मुहम्मद अली माजहर, जस्टिस शाहिद बिलाल और जस्टिस सलाहुद्दीन ने बहुमत में फैसला दिया, जबकि जस्टिस नईम अफगान और जस्टिस शकील अहमद ने असहमति जताई। कोर्ट ने कहा कि जजों का ट्रांसफर संविधान के अनुसार हुआ है। हालांकि, सीनियरिटी के मुद्दे को राष्ट्रपति के पास भेज दिया गया है ताकि वह इसे कानून के अनुसार तय करें।

सीनियरिटी का विवाद

  • आमतौर पर हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में जज बनने की तारीख से सीनियरिटी तय होती है।
  • विवाद इस बात को लेकर है कि क्या ट्रांसफर होने पर जज की पुरानी सीनियरिटी बरकरार रहती है या नई कोर्ट में जॉइनिंग के बाद से दोबारा तय होती है।
  • पिछले साल जब तीन जजों को अलग-अलग हाईकोर्ट से IHC में ट्रांसफर किया गया, तो उन्हें उनकी पिछली कोर्ट की जॉइनिंग डेट के आधार पर सीनियरिटी दी गई।
  • इससे जस्टिस डोगर सबसे सीनियर हो गए और उन्हें कार्यवाहक चीफ जस्टिस बना दिया गया, जिससे अन्य जजों को आपत्ति हुई और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

सीनियरिटी का महत्व

  • हाईकोर्ट में सबसे सीनियर जज को ही आमतौर पर चीफ जस्टिस बनाया जाता है।
  • सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए भी सीनियरिटी एक अहम आधार होती है।
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