HomeBNS & BNSS LawDelhi Court: बीएनएस की धारा 189 (गैरकानूनी जमावड़ा) को लेकर हाईकोर्ट ने...

Delhi Court: बीएनएस की धारा 189 (गैरकानूनी जमावड़ा) को लेकर हाईकोर्ट ने की ऐसी टिप्पणी…पढ़िए खबर

Delhi Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कुछ धाराएं हटाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी।

कोर्ट संसद को निर्देश नहीं दे सकती

कोर्ट ने साफ कहा कि वह संसद को कोई निर्देश नहीं दे सकती। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और जस्टिस अनीश दयाल की बेंच ने कहा कि किसी कानून को हटाना या बदलना संसद का काम है, अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा कि किसी कानून को खत्म करने के लिए संसद को संशोधन अधिनियम लाना होता है। यह पूरी तरह से संसद का अधिकार क्षेत्र है। अगर अदालत ऐसा निर्देश देती है तो यह कानून बनाने जैसा होगा, जो न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

ब्रिटिश काल के कानूनों को बताया गया मौलिक अधिकारों के खिलाफ

याचिका में कहा गया था कि बीएनएस की धारा 147 से 158 तक राज्य के खिलाफ अपराधों से जुड़ी हैं, जबकि धारा 189 से 197 तक सार्वजनिक शांति भंग करने से संबंधित हैं। ये सभी कानून ब्रिटिश शासन के समय बनाए गए थे, जिनका उद्देश्य भारतीयों को दबाना था। याचिकाकर्ता का कहना था कि इन कानूनों को आज भी लागू रखना संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

धारा 189 के दुरुपयोग का आरोप

याचिका उपेन्द्रनाथ दलई ने दायर की थी। उन्होंने दावा किया कि बीएनएस की धारा 189 (गैरकानूनी जमावड़ा) का सरकारों ने पुलिस के जरिए दुरुपयोग किया है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों को हटाया जाना चाहिए, क्योंकि ये आज के लोकतांत्रिक भारत में प्रासंगिक नहीं हैं।

कोर्ट ने कहा- संसद का विषय है कानून बनाना या हटाना

कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि संसद को कानून बनाने या हटाने का अधिकार है। न्यायपालिका इसमें कोई आदेश नहीं दे सकती। अदालत ने यह भी कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दे संसद के विचार के लिए हो सकते हैं, लेकिन अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
mist
18 ° C
18 °
18 °
94 %
0kmh
20 %
Sat
18 °
Sun
28 °
Mon
34 °
Tue
36 °
Wed
37 °

Recent Comments