Approaching court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि देश में किसी भी व्यक्ति को कोर्ट जाने और न्याय मांगने से कोई नहीं रोक सकता।
जनहित याचिका की चल रही थी सुनवाई
कोर्ट ने कहा, अगर कोई ऐसा करता है तो यह न्याय की प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा है और इसे गंभीर आपराधिक अवमानना माना जाएगा। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति जे. जे. मुनीर ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान की। यह याचिका अमित सिंह परिहार ने फतेहपुर जिले के एक गांव में सरकारी पेड़ों की अवैध कटाई और चोरी को लेकर दायर की थी।
यह था याचिकाकर्ता का दावा
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की तो उन्हें डराने के लिए प्रतिवादी नंबर 9 नरेंद्र सिंह ने उनके भाई और परिवार के अन्य सदस्यों पर हमला किया। परिहार ने यह भी आरोप लगाया कि प्रतिवादी ने पुलिस से मिलीभगत कर शिकायतकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी, जबकि उनकी ओर से की गई एफआईआर बाद में दर्ज हुई।
प्रतिवादी को व्यक्तिगत पेशी के निर्देश
कोर्ट ने प्रतिवादी नंबर 9 को 13 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने फतेहपुर के एसपी को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक एक हलफनामा दाखिल करें, जिसमें संबंधित थानेदार पर लगाए गए आरोपों पर जवाब दिया जाए। याचिकाकर्ता ने थानेदार पर मामले में पक्षपात और प्रतिवादी का साथ देने का आरोप लगाया है।

