ADVOCATE DEGREE: सुप्रीम कोर्ट ने एक वकील की डिग्री की सच्चाई की जांच CBI को सौंप दी है। मामला तब सामने आया जब मगध यूनिवर्सिटी, बोधगया ने अदालत को बताया कि उस वकील के शैक्षिक प्रमाणपत्र जाली (forged) हैं।
यह है मामला
बार काउंसिल ऑफ इंडिया की अनुशासन समिति के आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई हो रही थी। कोर्ट ने नोट किया कि यूनिवर्सिटी की ओर से जारी पत्र में कहा गया – वकील की मार्कशीट और बी.कॉम की डिग्री नकली है। सुप्रीम कोर्ट ने वकील से डिग्री की कॉपी मांगी। वकील ने अगस्त 1991 की बी.कॉम (ऑनर्स) डिग्री की फोटो कॉपी दी और कहा कि यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड फटे हुए हैं, इसलिए सत्यापन मुश्किल है।
यह रहा सुप्रीम कोर्ट का आदेश
जस्टिस मनोज मिश्रा और उज्जल भुयां की बेंच ने कहा, “हम इसे उचित समझते हैं कि सीबीआई जांच करे और यह पता लगाए कि 1991 में मगध यूनिवर्सिटी से पास बताई गई बी.कॉम डिग्री असली है या फर्जी।”
आगे क्या होगा
सीबीआई दिल्ली यूनिट को जांच सौंपी गई। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई अफसर मौके पर जांच कर रिपोर्ट तैयार करें। रिपोर्ट 3 नवंबर तक सुप्रीम कोर्ट में जमा करनी होगी।

