Bribery case: अहमदाबाद की एक विशेष सीबीआई (CBI) अदालत ने भ्रष्टाचार के 16 साल पुराने मामले में कड़ा फैसला सुनाया है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कोर्ट का कड़ा संदेश
कोर्ट ने ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) के तत्कालीन रिकवरी इंस्पेक्टर और एक वकील को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। भ्रष्टाचार के एक मामले पर 16 वर्ष बाद फैसला दिया गया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है।
यह था मामला
यह मामला 15 जनवरी 2009 को दर्ज किया गया था। सीबीआई के अनुसार, तत्कालीन रिकवरी इंस्पेक्टर अनिल कुमार शर्मा और वकील अमित कोटक ने एक शिकायतकर्ता से 3.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह रिश्वत तीन संपत्तियों की नीलामी से जुड़े मामले को सुलझाने और शिकायतकर्ता के चचेरे भाई की संपत्ति की नीलामी को टालने के बदले मांगी गई थी। रंगे हाथों गिरफ्तारी सीबीआई ने जाल बिछाकर वकील अमित कोटक को 1 लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जांच पूरी होने के बाद नवंबर 2009 में चार्जशीट दाखिल की गई थी।
यह रहा अदालत का फैसला
- कठोर कारावास: दोनों दोषियों को 2 साल की जेल की सजा सुनाई गई है।
- जुर्माना: कोर्ट ने दोनों पर कुल 1.5 लाख रुपये का सामूहिक जुर्माना भी लगाया है।

