Education for all: केंद्र सरकार 2026 से 10वीं और 12वीं की परीक्षा में फेल होने वाले सभी स्टूडेंट्स को ट्रैक करना शुरू करेगी।
दोबारा पढ़ाई के लिए जोड़ने की काेशिश
स्टूडेंट्स का डेटा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) को दिया जाएगा, ताकि उन्हें दोबारा पढ़ाई के लिए जोड़ा जा सके। साल 2024 में देशभर के सभी बोर्ड्स में 10वीं और 12वीं में कुल 50 लाख विद्यार्थी फेल हुए थे। शिक्षा मंत्रालय का मकसद है कि जो बच्चे स्कूल सिस्टम से बाहर हो गए हैं, उन्हें फिर से मुख्यधारा में लाया जाए।
विद्यार्थियों की ट्रैकिंग यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (यूडीआईएसई) के जरिए की जाएगी। यह भारत में स्कूल एजुकेशन का आधिकारिक नेशनल डाटाबेस है। – संजय कुमार, सचिव, स्कूल एजुकेशन और साक्षरता विभाग।
ड्रॉपआउट रेट में आई कमी
पिछले 10 सालों में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में कमी आई है। 2014-15 से 2023-24 के बीच प्री-प्राइमरी लेवल पर ड्रॉपआउट रेट 5.1% से घटकर 2.3% हो गया है। मिडिल स्कूल में यह 3.8% से 3.5% और सेकेंडरी लेवल पर 13.5% से घटकर 8.2% हो गया है।

