Advocates’ welfare: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात की।
व्यवस्थित कल्याणकारी योजना शुरू करने पर विचार
BCI चेयरमैन की कानून मंत्री के साथ हुए उच्च स्तरीय बैठक में देश भर के वकीलों की सुरक्षा, उनके कल्याण और इंश्योरेंस सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि केंद्र सरकार वकीलों और उनके परिजनों के लिए एक व्यवस्थित कल्याणकारी योजना शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह जानकारी पढ़ लें…15 दिनों में मांगी जानकारी, मिलेगा मेडिक्लेम का लाभ
- BCI चेयरमैन ने कहा कि वकीलों और उनके आश्रितों को बीमा (Insurance) और मेडिक्लेम की सुविधा देने के लिए डेटा जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
- यह करना होगा: सभी वकीलों को अगले 15 दिनों के भीतर अपनी और अपने परिवार की जानकारी BCI को देनी होगी।
- कैसे दें जानकारी: इसके लिए संबंधित बार एसोसिएशन या स्टेट बार काउंसिल के जरिए गूगल फॉर्म (Google Form) जारी किए गए हैं।
सुरक्षा के लिए ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ जल्द
- वकीलों पर बढ़ते हमलों और उनकी सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार चिंतित है।
- संसद में पेश होगा बिल: ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ (अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम) को लॉ कमीशन अंतिम रूप दे रहा है। इसे संसद के अगले सत्र में पेश किए जाने की संभावना है।
- एडवोकेट्स एक्ट में बदलाव: एडवोकेट्स एक्ट में कुछ संशोधनों पर भी चर्चा हुई है। इसमें नामांकन शुल्क (Enrolment Fee) में संशोधन और बार काउंसिल को अधिक मजबूत बनाना शामिल है।
- विवादित प्रावधान हटे: मिश्रा ने संतोष जताया कि केंद्र सरकार ने बार काउंसिल की चिंताओं को समझते हुए पहले ही विवादित प्रावधानों को हटा दिया है।
शिक्षा और संगठन पर जोर
BCI चेयरमैन, जो राज्यसभा सांसद भी हैं, ने कानूनी शिक्षा समिति (Legal Education Committee) के विस्तार की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि बदलती जरूरतों के हिसाब से वकीलों की पेशेवर और शैक्षणिक आवश्यकताओं को अपडेट करना जरूरी है।

