HomeSupreme CourtLandlords’ rights and limits tenants’: किरायेदार ध्यान दें… मकान मालिक को बिजनेस 'विकल्प'...

Landlords’ rights and limits tenants’: किरायेदार ध्यान दें… मकान मालिक को बिजनेस ‘विकल्प’ न दें…वह खुद तय करेंगे उपयोगिता

Landlords’ rights and limits tenants’: सुप्रीम कोर्ट ने मकान मालिक और किरायेदार के विवाद में एक अहम कानूनी सिद्धांत को दोहराया है।

किरायेदार मकान मालिक को निर्देश नहीं दे सकता: कोर्ट

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि मकान मालिक को अपनी जरूरत के लिए अपनी दुकान या घर खाली कराना है, तो किरायेदार उसे यह सलाह नहीं दे सकता कि वह कहीं और अपना काम शुरू कर ले। जस्टिस ने ‘भूपिंदर सिंह बावा बनाम आशा देवी (2016)’ मामले के पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा, “किरायेदार मकान मालिक को यह निर्देश नहीं दे सकता कि उसके लिए कौन सी जगह उपयुक्त है या उसे अपना बिजनेस कहां शुरू करना चाहिए।”

बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला पलटा

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमें किरायेदार को राहत दी गई थी। इसी के साथ अदालत ने ट्रायल कोर्ट और प्रथम अपीलीय अदालत के उन फैसलों को बहाल कर दिया, जिनमें मकान मालिक के पक्ष में डिक्री (आदेश) दी गई थी।

50 साल पुराना कब्जा, पर 2026 तक खाली करने की मोहलत

चूंकि किरायेदार उस जगह पर पिछले 50 से अधिक वर्षों से काबिज है, इसलिए अदालत ने मानवीय आधार पर उसे तुरंत बेदखल नहीं किया। कोर्ट ने किरायेदार को 30 जून, 2026 तक का समय दिया है, लेकिन इसके साथ कुछ कड़ी शर्तें भी रखी हैं।

IN THE SUPREME COURT OF INDIA
CIVIL APPELLATE JURISDICTION
CIVIL APPEAL NO. OF 2025
(Arising out of SLP (C) No. 30407 of 2024)
RAJANI MANOHAR KUNTHA & ORS. VERSUS PARSHURAM CHUNILAL KANOJIYA & ORS.

इन शर्तों का पालन जरूरी

  • बकाया किराया: एक महीने के भीतर पिछले सभी बकाया किराए का भुगतान करना होगा।
  • नियमित किराया: जून 2026 तक हर महीने का नियमित किराया देना जारी रखना होगा।
  • शपथ पत्र (Undertaking): तीन हफ्ते के भीतर बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के सामने यह हलफनामा देना होगा कि वह समय पर जगह खाली कर देगा।
  • कोई तीसरा पक्ष नहीं: किरायेदार इस दौरान संपत्ति पर किसी तीसरे पक्ष का अधिकार (Third-party rights) पैदा नहीं करेगा और शांतिपूर्ण तरीके से कब्जा सौंपेगा।
  • चेतावनी: कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अगर किरायेदार इनमें से किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है, तो मकान मालिक समय सीमा समाप्त होने से पहले ही डिक्री को लागू (Execution) करवाकर उसे बेदखल कर सकेगा।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
haze
30 ° C
30 °
30 °
62 %
4.6kmh
75 %
Wed
38 °
Thu
38 °
Fri
39 °
Sat
36 °
Sun
38 °

Recent Comments