Tuesday, September 8, 2026
HomeHigh CourtTirupparankundram Hill: 5 लोगों को 15 मिनट प्रार्थना की मिले अनुमति...आखिर विवाद...

Tirupparankundram Hill: 5 लोगों को 15 मिनट प्रार्थना की मिले अनुमति…आखिर विवाद क्या है, पूरे फैसले को पढ़ें

Tirupparankundram Hill: जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन की बेंच ने कार्तिकेय दीपम (Karthigai Deepam) जलाने से जुड़े अवमानना मामले की सुनवाई करते हुए प्रशासन को एक बीच का रास्ता सुझाया है।

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी (Tirupparankundram Hill) विवाद में एक संतुलित और महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। कोर्ट ने प्रशासन से कहा है कि वे अदालती आदेशों का सम्मान करते हुए 5 विशिष्ट व्यक्तियों को पहाड़ी की चोटी पर स्थित पत्थर के स्तंभ (Deepathoon) के पास प्रतीकात्मक प्रार्थना करने की अनुमति दें।

कोर्ट की मुख्य टिप्पणियां और सुझाव

  • प्रतीकात्मक प्रार्थना: कोर्ट ने सुझाव दिया कि सरकार द्वारा नामित 5 लोगों को पहाड़ी की निचली चोटी पर जाने की अनुमति दी जाए, जहां पत्थर का स्तंभ स्थित है। वहां वे केवल 15 मिनट के लिए प्रतीकात्मक प्रार्थना कर सकें (दीपक जलाना अनिवार्य नहीं है)।
  • आदेश का सम्मान: जस्टिस स्वामीनाथन ने कहा, यह केवल एक सुझाव है, निर्देश नहीं। यदि सरकार अदालत के पुराने आदेशों के प्रति सम्मान दिखाना चाहती है, तो वह इसकी अनुमति दे सकती है।
  • पुलिस और कलेक्टर की भूमिका: कोर्ट ने गौर किया कि पुलिस ने कलेक्टर के ‘निषेधाज्ञा’ (Prohibitory Orders) का सहारा लेकर दीपम जलाने की प्रक्रिया को रोका था। कलेक्टर ने हलफनामे में कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह आदेश जारी किया गया था।

मंत्री की टिप्पणी पर कोर्ट सख्त

  • कोर्ट ने तमिलनाडु के खनिज और खान मंत्री एस. रघुपति के बयानों पर कड़ी नाराजगी जताई।
  • राजनीतिक रंग: जज ने कहा कि मंत्री ने इस मुद्दे को “शरारतपूर्ण राजनीतिक मोड़” (Mischievous political spin) दिया है।
  • सब-जूडिस (Sub-judice) का नियम: जस्टिस स्वामीनाथन ने याद दिलाया कि जब मामला अदालत के विचाराधीन हो, तो मंत्रियों को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो वह मंत्री के खिलाफ अवमानना की अर्जी को दोबारा खोल सकते हैं।

विवाद की पृष्ठभूमि

  • तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित पत्थर के स्तंभ (Deepathoon) पर कार्तिकेय दीपम जलाने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
  • अवमानना याचिका: यह सुनवाई एक अवमानना याचिका पर हो रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि हाई कोर्ट के पिछले आदेश के बावजूद वहां दीपम जलाने की अनुमति नहीं दी गई।
  • प्रशासन का पक्ष: प्रशासन का तर्क है कि इससे सांप्रदायिक तनाव या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।

अगला कदम

अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च, 2026 के लिए तय की है, जहां सरकार को इस ‘सुझाव’ पर अपना रुख स्पष्ट करना होगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
few clouds
29 ° C
29 °
29 °
89 %
0kmh
17 %
Mon
29 °
Tue
33 °
Wed
33 °
Thu
33 °
Fri
33 °

Recent Comments