Citizenship Row: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट के जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की सिंगल-जज बेंच ने कर्नाटक के निवासी एस. विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने माना कि इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ प्रथम दृष्टया (Prima Facie) मामला बनता है। यह मामला उनकी कथित ब्रिटिश नागरिकता और यूके पासपोर्ट से जुड़े विवाद से संबंधित है।
क्या है मुख्य आरोप? (The Allegations)
- ब्रिटिश नागरिकता: शिकायतकर्ता का दावा है कि राहुल गांधी ब्रिटेन स्थित कंपनी ‘Backops Ltd’ के डायरेक्टर थे और कंपनी के रिकॉर्ड में उन्होंने अपनी राष्ट्रीयता ‘ब्रिटिश’ घोषित की थी।
- पासपोर्ट विवाद: याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनके पास ब्रिटिश पासपोर्ट है, जो भारतीय नागरिकता कानूनों का उल्लंघन है।
- कानूनी धाराएं: शिकायतकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act), पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।
हाई कोर्ट का कड़ा रुख
- अदालत ने न केवल FIR दर्ज करने को कहा, बल्कि जांच का दायरा बढ़ाने का विकल्प भी दिया।
- जांच एजेंसी: कोर्ट ने राज्य सरकार को यह स्वतंत्रता (Liberty) दी है कि वे इस जांच को केंद्र सरकार या केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप सकते हैं।
- पिछली विफलता: इससे पहले पुलिस ने इस शिकायत पर मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद शिशिर ने ट्रायल कोर्ट और फिर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
शिकायतकर्ता की सुरक्षा का मामला
दिलचस्प बात यह है कि इसी मामले से जुड़ी पिछली सुनवाई (अगस्त 2025) में हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह शिकायतकर्ता एस. विग्नेश शिशिर को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) का एक निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) प्रदान करे, क्योंकि उनकी जान को खतरा बताया गया था।
केस के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
| बिंदु | विवरण |
| न्यायाधीश | जस्टिस सुभाष विद्यार्थी। |
| शिकायतकर्ता | एस. विग्नेश शिशिर (कर्नाटक)। |
| मुख्य कंपनी | Backops Ltd (UK आधारित)। |
| संभावित धाराएं | BNS, Official Secrets Act, Passport Act, Foreigners Act। |
| अगला कदम | राज्य पुलिस द्वारा FIR पंजीकरण और संभावित CBI हस्तांतरण। |
एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी मोड़
भारत का संविधान दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) की अनुमति नहीं देता है। यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी दूसरे देश की नागरिकता स्वीकार करता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है। इलाहाबाद हाई कोर्ट का यह आदेश राहुल गांधी के लिए बड़ी कानूनी चुनौतियां खड़ी कर सकता है, खासकर तब जब वे संसद में विपक्ष के नेता के रूप में एक संवैधानिक पद संभाल रहे हैं।

