Capital Pollution Control: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की सिफारिशों को “तर्कसंगत और उचित” मानते हुए स्वीकार कर लिया है। अदालत ने वाणिज्यिक वाहनों (Commercial Vehicles) पर लगने वाले पर्यावरण मुआवजा शुल्क (Environment Compensation Charge – ECC) को बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा और इसके बाद हर साल शुल्क में 5% की स्वतः बढ़ोतरी भी की जाएगी।
नए ECC रेट्स: 1 अप्रैल, 2026 से क्या बदलेगा?
कोर्ट ने दिल्ली में प्रवेश करने वाले भारी और हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए निम्नलिखित दरों को मंजूरी दी है।
| वाहन श्रेणी (Vehicle Category) | पुराना रेट (Existing) | नया रेट (1 अप्रैल 2026 से) |
| Category 2 & 3: हल्के वाणिज्यिक वाहन और 2-एक्सल ट्रक | ₹1,400 | ₹2,000 |
| Category 4 & 5: 3-एक्सल, 4-एक्सल और उससे ऊपर के भारी ट्रक | ₹2,600 | ₹4,000 |
सालाना 5%’ की बढ़ोत्तरी का नियम
- अदालत ने केवल एक बार की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि एक भविष्यगामी (Future-ready) प्रणाली को भी मंजूरी दी है।
- ऑटोमैटिक हाइक: हर साल 1 अप्रैल को ECC दरों में 5% की वृद्धि की जाएगी (इसे निकटतम 10 रुपये तक राउंड ऑफ किया जाएगा)।
- कारण: आयोग का मानना है कि मुद्रास्फीति (Inflation) और टोल दरों में होने वाली वार्षिक बढ़ोतरी को देखते हुए, शुल्क का ‘निवारक प्रभाव’ (Deterrent Effect) बनाए रखने के लिए यह जरूरी है।
पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (WPE/EPE) का उपयोग
- सुप्रीम कोर्ट ने जोर देकर कहा कि गैर-जरूरी (Non-essential) वाणिज्यिक वाहनों को दिल्ली के भीतर प्रवेश करने के बजाय पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उपयोग करना चाहिए।
- उद्देश्य: डीजल वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश को हतोत्साहित करना।
- समन्वय: कोर्ट ने MCD, NHAI और दिल्ली सरकार (GNCTD) को इस संबंध में बेहतर तालमेल और नोटिफिकेशन जारी करने के निर्देश दिए हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ: एम.सी. मेहता केस (1985)
यह पूरी कार्यवाही 1985 के प्रसिद्ध एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ मामले का हिस्सा है, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट दशकों से दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाने के उपायों की निगरानी कर रहा है। ECC इसी निरंतर निगरानी का एक परिणाम है।
दिल्ली की हवा के लिए कड़ा संदेश
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश स्पष्ट संदेश देता है कि दिल्ली की सड़कों पर भारी वाहनों का प्रवेश अब और भी खर्चीला होगा। इसका सीधा उद्देश्य ट्रांसपोर्टर्स को वैकल्पिक मार्गों (Expressways) का उपयोग करने के लिए मजबूर करना है ताकि शहर के भीतर प्रदूषण का स्तर कम किया जा सके।
SUPREME COURT OF INDIA
RECORD OF PROCEEDINGS
CORAM : HON’BLE THE CHIEF JUSTICE
HON’BLE MR. JUSTICE JOYMALYA BAGCHI
HON’BLE MR. JUSTICE VIPUL M. PANCHOLI
Writ Petition(s)(Civil) No(s).13029/1985
M.C. MEHTA VERSUS UNION OF INDIA & ORS.

