Wednesday, November 4, 2026
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West Bengal Incident: रथ’ पर जूते पहनकर रील्स बनाने का मामला… मुस्लिम युवक को कोर्ट ने रखी ‘सीढ़ियां धोने’ की अनोखी शर्त, फिर जमानत दी

केस मैट्रिक्स: Unique Bail Condition by Kalna Court

पहलूविवरण
संबंधित अदालतअतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत, कालना (पूर्व बर्धमान, पश्चिम बंगाल)
आरोपीबाबूलाल शेख (उम्र ~30 वर्ष, समुद्रगढ़ निवासी)
दर्ज धाराएंभारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (2) और धारा 299
अदालत की जमानत शर्तएक सप्ताह तक प्रतिदिन पुलिस की उपस्थिति में रथ की सीढ़ियों को धोना।

West Bengal Incident: पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले की कालना अदालत (Kalna Court) ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए एक मुस्लिम युवक, बाबूलाल शेख को जमानत दे दी है। हालांकि, अदालत ने जमानत के साथ एक असामान्य शर्त रखी है कि आरोपी को एक सप्ताह तक हर दिन पुलिस की मौजूदगी में रथ की सीढ़ियों की सफाई (धोना) करनी होगी।

घटनाक्रम क्या था?

  1. रील्स का मामला: ‘उल्टो रथ’ यात्रा (Ulto Rath Yatra) के दो दिन बाद, 30 वर्षीय बाबूलाल शेख ने एसटीकेके रोड पर खड़े एक रथ की सीढ़ियों पर जूते पहनकर नाचते हुए एक फेसबुक रील बनाई।
  2. FIR और गिरफ्तारी: ‘पश्चिम नसरातपुर हरेकृष्ण नामहट्ट संघ’ के सदस्यों ने सोशल मीडिया पर रील देखने के बाद शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर नदनघाट पुलिस स्टेशन (Nadanghat Police Station) ने रविवार रात युवक को गिरफ्तार कर लिया।
  3. लागू धाराएं: आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा:
    • BNS 196 (2): विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना।
    • BNS 299: धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए गए दुर्भावनापूर्ण कार्य।

अदालत में बहस और वकील के तर्क

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM, Kalna) की अदालत में सुनवाई के दौरान-

  • प्रक्रियात्मक चूक: बचाव पक्ष के वकील बिकाश रॉय ने तर्क दिया कि कानून के तहत 7 साल से कम सजा वाले अपराधों में जांच अधिकारी (IO) को गिरफ्तारी से पहले mandatory नोटिस (Section 35 BNSS) देना अनिवार्य था, जिसका पालन नहीं किया गया।
  • कोई सांप्रदायिक तनाव नहीं: वकील ने कहा कि इस घटना से कोई सांप्रदायिक सद्भाव नहीं बिगड़ा है और न ही किसी धर्म का अपमान करने की दुर्भावनापूर्ण मंशा थी।
  • माफी मांगी: स्थानीय निवासियों के अनुसार, आरोपी युवक ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और अपने किए पर पछतावा भी व्यक्त किया।

अनोखी शर्त और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएं

कोर्ट ने जमानत मंजूर करते हुए शर्त रखी कि युवक को एक हफ्ते तक रोजाना पुलिस की निगरानी में रथ की सीढ़ियों को धोना होगा।

कानून-व्यवस्था पर संभावित असर: अदालत के इस अनोखे आदेश के बाद कुछ हलकों में चिंता जताई जा रही है कि एक मुस्लिम युवक को हिंदू धार्मिक रथ की सफाई करने का निर्देश देने से नया विवाद खड़ा न हो जाए।

पूर्व बर्धमान पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोर्ट का लिखित आदेश मिलते ही उसका अनुपालन कराया जाएगा और इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।

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