BAR ELECTION: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, देशभर की राज्य बार काउंसिलों के चुनाव 31 जनवरी 2026 तक हर हाल में कराए जाएं, वरना अदालत खुद हस्तक्षेप कर रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की देखरेख में चुनाव कराने पर मजबूर होगी।
दशकों से चुनाव नहीं होने पर कोर्ट नाराज
जस्टिस सूर्या कांत, उज्जल भूयां और एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि एलएलबी सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन चुनाव टालने का बहाना नहीं हो सकता। कोर्ट ने नाराज़गी जताई कि दशकों से चुनाव नहीं हो रहे, जबकि लोकतांत्रिक संस्था में समय पर चुनाव जरूरी हैं। वेरिफिकेशन ड्राइव में फर्जी डिग्रियां और अपराधियों का वकील बनकर कोर्ट में घुसना सामने आया।
यह रही कोर्ट की टिप्पणी
“31 जनवरी 2026 तक चुनाव नहीं हुए तो हम कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करेंगे और चुनाव कराएंगे। यदि उस समय तक 70% राज्य बार काउंसिल चुनाव करा चुकी हों, तो शेष को कुछ समय दिया जा सकता है, वरना गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कोर्ट ने कहा कि BCI को खुद पूर्व जजों और वरिष्ठ वकीलों की कमेटी बनाने का प्रस्ताव लाना चाहिए था ताकि चुनाव पारदर्शी ढंग से हो सकें।
यह है मामला
कोर्ट रूल 32 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। यह नियम BCI को राज्य बार काउंसिल सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाने का अधिकार देता है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ज्यादातर राज्यों में दो साल से अधिक समय से चुनाव नहीं हुए। BCI ने कहा कि 23 में से सिर्फ 6–7 राज्य बार काउंसिल ने ही चुनावी तैयारी पर जवाब दिया है।

