HomeSupreme CourtPrison Reforms: जेलों में बढ़ती भीड़…सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राज्य सरकार इस...

Prison Reforms: जेलों में बढ़ती भीड़…सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राज्य सरकार इस बारे में क्या कर रही है

Prison Reforms: सुप्रीम कोर्ट ने भारत की जेलों में कैदियों की संख्या और वहां की अमानवीय स्थितियों (Inhuman Conditions) पर गंभीर संज्ञान लिया है।

कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को 18 मई तक जेलों का पूरा और ताजा डेटा पेश करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने क्या-क्या जानकारी मांगी है?

  • जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने राज्यों के होम सेक्रेटरी (Home Secretary) से हलफनामा मांगा है, जिसमें निम्नलिखित विवरण होने चाहिए।
  • ओवरक्राउडिंग (Overcrowding): हर जेल की क्षमता (Sanctioned Capacity) कितनी है और वहां फिलहाल कितने कैदी बंद हैं? भीड़ कम करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
  • महिला जेल और बच्चे: महिलाओं के लिए अलग जेलों की संख्या कितनी है? वहां रहने वाले बच्चों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण (Welfare) की क्या सुविधाएं हैं?
  • स्टाफ की कमी: जेल प्रशासन में कुल कितने पद मंजूर हैं, कितने खाली हैं और उन्हें भरने के लिए क्या किया जा रहा है?
  • ताजा डेटा: कोर्ट ने नोट किया कि अभी जो रिकॉर्ड मौजूद है वह 2023 का है, जबकि कोर्ट को 1 मार्च, 2026 तक की सटीक स्थिति चाहिए।

एमीकस क्यूरी (Amicus Curiae) की भूमिका

सीनियर एडवोकेट गौरव अग्रवाल इस मामले में ‘अदालत के मित्र’ (Amicus Curiae) के रूप में सहायता कर रहे हैं। उन्होंने कोर्ट का ध्यान इस ओर खींचा कि पुराने डेटा के आधार पर सही फैसला लेना मुश्किल है। अब राज्यों से रिपोर्ट मिलने के बाद, वह एक व्यापक नोट (Comprehensive Note) तैयार करेंगे जिसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

क्यों जरूरी है यह कदम?

भारतीय जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों का होना एक पुरानी और गंभीर समस्या है। इससे न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है, बल्कि जेल प्रशासन और सुरक्षा पर भी बुरा असर पड़ता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
mist
26 ° C
26 °
26 °
73 %
3.6kmh
0 %
Thu
37 °
Fri
39 °
Sat
40 °
Sun
38 °
Mon
41 °

Recent Comments