Visually impaired aspirants: सुप्रीम कोर्ट को आयोग ने जानकारी दी है कि अगले परीक्षा चक्र से शुरू हो सकता है सिस्टम।
UPSC ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया हलफनामा
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उसने दृष्टिबाधित उम्मीदवारों के लिए अपनी परीक्षाओं में स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर लागू करने का फैसला किया है। आयोग ने कहा कि जैसे ही देशभर के परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित सॉफ्टवेयर और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हो जाएगा, इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा। यह जानकारी UPSC ने सुप्रीम कोर्ट में दायर एक हलफनामे में दी। मामला सामाजिक संगठन मिशन एक्सेसिबिलिटी की याचिका पर सुनवाई का था, जिसमें कहा गया था कि सिविल सेवा परीक्षा में नेत्रहीन और कमजोर दृष्टि वाले उम्मीदवारों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रहीं।
सॉफ्टवेयर और परीक्षा सुरक्षा की जिम्मेदारी UPSC की होगी
UPSC ने कहा, वह राज्य सरकारों, जिला कलेक्टरों और कॉलेजों के सहयोग से आवश्यक व्यवस्था करने में जुटा है। आयोग ने नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विथ विजुअल डिसएबिलिटी (NIEPVD) और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) से भी अनुरोध किया है कि उनके कंप्यूटर लैब्स को विशेष परीक्षा केंद्रों के रूप में तैयार किया जाए। DEPwD ने इन केंद्रों को अपग्रेड करने की सहमति दी है, लेकिन कहा कि सॉफ्टवेयर और परीक्षा सुरक्षा की जिम्मेदारी UPSC की होगी। सुप्रीम कोर्ट ने UPSC से पूछा कि सुविधा लागू करने में कितना समय लगेगा और कहा कि दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के लिए दूर-दराज न जाना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाए।

