Poor Air Quality in Delhi
Delhi’s toxic air crisis: सुप्रीम कोर्ट में एक समय ऐसा आया, जब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने तुरंत मुस्कुराते हुए तंज कसा, “दिल्ली में ये दिक्कत तो फिलहाल सबको है।”
ईसाई आर्मी अफसर की बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई
दरअसल, वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने सुनवाई के दौरान कहा कि गले में दर्द के चलते वे ठीक से बोल नहीं पा रहे हैं। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने तुरंत मुस्कुराते हुए तंज कसा, “दिल्ली में ये दिक्कत तो फिलहाल सबको है।” यह टिप्पणी उस समय हुई जब कोर्ट एक ईसाई आर्मी अफसर की बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था।
CJI ने दिल्ली की बिगड़ती हवा पर इशारा किया
अफसर को मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने से इनकार करने पर सेवा से हटा दिया गया था। सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने चल रही थी। दलीलों के दौरान अधिवक्ता शंकरनारायणन ने कहा, “माफ कीजिए, मैं ठीक से बोल नहीं पा रहा हूं, गला बैठ गया है।”इस पर CJI ने दिल्ली की बिगड़ती हवा पर इशारा करते हुए जवाब दिया कि “दिल्ली में फिलहाल ये सभी का हाल है।”
दिल्ली की हवा फिर ‘बहुत खराब’, रोहिणी में हालात ‘गंभीर’ तक पहुंचे
दिल्ली-NCR में प्रदूषण से राहत के आसार नहीं दिख रहे। मंगलवार को भी राजधानी घने धुंध की चादर में ढकी रही और हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज हुई।CPCB के मुताबिक, दिल्ली का कुल AQI 363 रहा—सोमवार के 382 से मामूली सुधार। लेकिन रोहिणी मॉनिटरिंग स्टेशन पर हवा ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गई, जहां AQI 416 रिकॉर्ड हुआ। आने वाले दिनों में भी हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहने का अनुमान है।
सरकारी-निजी ऑफिस 50% स्टाफ के साथ चलेंगे
प्रदूषण के बढ़ते संकट को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-III के तहत सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों को ही बुलाने का आदेश दिया गया है। बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करना होगा। हालांकि, जरूरी सेवाएं—जैसे अस्पताल, प्राइवेट हेल्थकेयर, फायर सर्विस, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, पानी और सफाई—इन पाबंदियों से बाहर रखी गई हैं।






