Arthur Road Jail: पैसे की हेराफेरी से जुड़े एक मामले में आरोपी रितेशकुमार सुरेन्द्रकुमार शाह को जैन धर्म के अनुसार भोजन न देने पर मुंबई की एक विशेष अदालत ने आर्थर रोड जेल के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
धार्मिक आहार पद्धति के अनुसार भोजन पाना मौलिक अधिकार
अदालत ने 14 मई को जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया था कि शाह को जैन धर्म के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाए। शाह ने अदालत में बताया था कि वह जैन धर्म का अनुयायी है और धार्मिक आहार पद्धति के अनुसार भोजन पाना उसका मौलिक अधिकार है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुनील गोंसाल्वेस ने इस मांग का विरोध किया था, लेकिन अदालत ने शाह के पक्ष में फैसला सुनाया और धार्मिक आहार की अनुमति दी।
शाह के वकील वायरल बाबर ने अदालत में दी दलील
शाह के वकील वायरल बाबर ने अदालत को बताया कि आदेश के बावजूद शाह को अब तक जैन भोजन नहीं दिया गया है और वह पिछले एक महीने से सिर्फ रोटियों पर जीवित है। इससे उसकी सेहत पर बुरा असर पड़ा है।
कोर्ट ने लिया संज्ञान
अदालत ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए आर्थर रोड जेल के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और पूछा है कि आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी है शाह
शाह अहमदाबाद का व्यापारी है और उसे महाराष्ट्र के मालेगांव से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया गया था। नासिक जिले के मालेगांव छावनी पुलिस स्टेशन में पिछले साल एक एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसमें 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम 12 नए बैंक खातों में जमा कराने का मामला सामने आया था। ये खाते नासिक मर्चेंट को-ऑपरेटिव बैंक (NAMCO बैंक) में फर्जी पहचान और शेल कंपनियों के नाम पर खोले गए थे।
ईडी की जांच में हुआ खुलासा
एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की और दो-तीन महीने की अवधि में सैकड़ों करोड़ की लेन-देन का पता चला। इसी जांच के तहत शाह समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।

