HomeLaw Firms & Assoc.Judicial Officer Scandal: दिवंगत जज के घर से वहीं के सिविल जज...

Judicial Officer Scandal: दिवंगत जज के घर से वहीं के सिविल जज पर गहने चोरी का आरोप…CCTV में कैद हुई करतूत

Judicial Officer Scandal: पंजाब के पटियाला की एक अदालत ने चोरी और घर में जबरन घुसने (House Trespass) के आरोपी सिविल जज (जूनियर डिवीजन) बिक्रमदीप सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

यह रही अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरिंदर सिद्धू की टिप्पणी

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरिंदर सिद्धू ने 1 अप्रैल, 2026 को दिए अपने आदेश में कहा कि एक न्यायिक अधिकारी से जिस सत्यनिष्ठा (Integrity) की अपेक्षा की जाती है, यह मामला उस पर गहरा प्रहार करता है। उन पर अपने ही एक दिवंगत सहयोगी जज के घर से गहने और कीमती सामान चोरी करने का गंभीर आरोप है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे उसका पद या ओहदा कुछ भी हो। न्यायाधीश बिक्रमदीप सिंह पर आरोप है कि उन्होंने पिछले साल एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज कंवलजीत सिंह की मृत्यु वाली रात ही उनके घर से पुश्तैनी सोना और नकदी साफ कर दी थी।

मामला क्या है? (The Midnight Theft)

  • शिकायत: पंजाबी यूनिवर्सिटी के लॉ प्रोफेसर डॉ. भूपिंदर सिंह विर्क ने दिवंगत जज के बेटे अंगदपाल सिंह (जो उस समय कनाडा में थे) की ओर से FIR दर्ज कराई।
  • घटना: 1 अगस्त, 2025 को जज कंवलजीत सिंह का अस्पताल में निधन हुआ। आरोप है कि उसी रात बिक्रमदीप सिंह, एक सरकारी अधिकारी गौरव गोयल और जज की हाउस हेल्प पिंकी तीन कारों में वहां पहुंचे।
  • चोरी: गौरव बाहर खड़ा रहा, जबकि बिक्रमदीप और अन्य लोग अंदर गए और घर खंगालकर पुश्तैनी जेवर और नकदी ले उड़े।

कोर्ट के सामने बिक्रमदीप की सफाई

  • बिक्रमदीप सिंह के वकीलों ने अदालत में कई तर्क दिए।
  • पारिवारिक संबंध: दिवंगत जज उन्हें परिवार के सदस्य की तरह मानते थे, इसलिए ‘ट्रेसपास’ का सवाल ही नहीं उठता।
  • सुरक्षा का दावा: उन्होंने दावा किया कि विदेश में रह रहे बेटे अंगदपाल ने ही उनसे कीमती सामान सुरक्षित रखने को कहा था, जिसे बाद में उन्होंने वापस भी कर दिया।
  • देरी से FIR: बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि 7 महीने की देरी से FIR केवल उनकी छवि खराब करने के लिए की गई है।

अदालत का कड़ा रुख और सबूत

  • अदालत ने जांच फाइल और CCTV फुटेज देखने के बाद इन दलीलों को खारिज कर दिया।
  • CCTV फुटेज: फुटेज में बिक्रमदीप को सह-आरोपियों के साथ बक्से और बैग ले जाते देखा गया। कोर्ट ने कहा कि उनकी ‘बॉडी लैंग्वेज’ से साफ है कि यह काम बहुत ही गुप्त (Clandestine) तरीके से किया जा रहा था।
  • समय का खेल: बिक्रमदीप ने जो व्हाट्सएप चैट दिखाई, वह रात 10:15 बजे के बाद की थी, जबकि CCTV फुटेज में वे रात 9:50 बजे ही सामान लेकर निकलते दिख रहे हैं। यानी उन्होंने बेटे से बात करने से पहले ही सामान निकाल लिया था।
  • रिकवरी: कोर्ट ने माना कि चोरी किए गए बड़े पैमाने पर जेवर अभी बरामद होने बाकी हैं और इसके लिए ‘हिरासत में पूछताछ’ (Custodial Interrogation) जरूरी है।

“कानून के सामने सब बराबर”

  • अदालत ने बिक्रमदीप के ‘न्यायिक अधिकारी’ होने के नाते किसी भी विशेष छूट के दावे को ठुकरा दिया।
  • संवैधानिक मर्यादा: सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कहा गया कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। रैंक या पद किसी को आपराधिक परिणामों से नहीं बचा सकता।
  • जांच पर असर: कोर्ट ने माना कि इस स्तर पर जमानत देने से जांच पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

निष्कर्ष: न्यायपालिका के लिए चुनौतीपूर्ण समय

पटियाला कोर्ट का यह फैसला संदेश देता है कि न्याय की कुर्सी पर बैठने वालों की जवाबदेही सामान्य नागरिक से कहीं अधिक है। बिक्रमदीप सिंह की जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

IN THE COURT OF HARINDER SIDHU
ADDITIONAL SESSIONS JUDGE, PATIALA
(UID NO. PB0130)
BA No.1214 of 30.03.2026
Registration No.2213 of 2026
CNR No. PBPT 01003972-2026
Date of Order: 01.04.2026
Bikramdeep Singh (aged 39 years) versus
State of Punjab through Investigating Officer/Station House Officer, Police Station, Division No.4 (Lahori Gate), Patiala district Patiala.
FIR no. 56 dated 21.03.2026, Under Sections 331(4), 305 of the BNS, 2023 (corresponding to Sections 457, 380 of the IPC, 1860)
Police Station: Division No.4 (Lahori Gate), Patiala.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
haze
34 ° C
34 °
34 °
20 %
4.1kmh
0 %
Sat
38 °
Sun
41 °
Mon
40 °
Tue
41 °
Wed
42 °

Recent Comments