New Tax Era: 1 अप्रैल, 2026 से नए वित्त वर्ष (FY 2026-27) की शुरुआत के साथ भारत की कर व्यवस्था (Tax Regime) में युगांतरकारी बदलाव होने जा रहे हैं।
65 साल पुराने कानून की जगह अब ‘आयकर अधिनियम, 2025’ प्रभावी होगा, साथ ही शेयर बाजार और विदेशी यात्राओं से जुड़े नियमों में भी बड़े बदलाव लागू होंगे। Income-tax Act 1961 इतिहास बन जाएगा और उसकी जगह Income-tax Act 2025 ले लेगा। इस नए कानून का उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को अधिक तार्किक, सरल और ‘रीडर-फ्रेंडली’ बनाना है।
इनकम टैक्स में क्या बदलेगा? (The New Framework)
- एकल ‘टैक्स ईयर’ (Single Tax Year): अब ‘असेसमेंट ईयर’ (AY) और ‘प्रीवियस ईयर’ (PY) का झंझट खत्म हो जाएगा। इसकी जगह केवल एक ‘Tax Year’ का ढांचा होगा।
- TDS रिफंड में आसानी: अब समय सीमा (Deadline) के बाद ITR फाइल करने पर भी बिना किसी जुर्माने के TDS रिफंड का दावा किया जा सकेगा।
- ट्रांजिशन पीरियड: जुलाई 2026 में जो रिटर्न (AY 2026-27 के लिए) भरे जाएंगे, वे पुराने अधिनियम के फॉर्म पर ही होंगे। लेकिन जून 2026 से भरा जाने वाला एडवांस टैक्स नए अधिनियम के अनुसार होगा।
शेयर बाजार (F&O) ट्रेडर्स के लिए बुरी खबर
- सट्टेबाजी (Speculation) को रोकने और छोटे निवेशकों को भारी नुकसान से बचाने के लिए Securities Transaction Tax (STT) बढ़ा दिया गया है:
- फ्यूचर्स (Futures): STT 0.02% से बढ़कर 0.05% हो जाएगा।
- ऑप्शंस (Options): प्रीमियम पर STT 0.1% से बढ़कर 0.15% हो जाएगा।
- कारण: सेबी (SEBI) के अध्ययन के अनुसार, FY25 में व्यक्तिगत निवेशकों को F&O में ₹1.05 लाख करोड़ से अधिक का शुद्ध घाटा हुआ था।
विदेश घूमना और पढ़ाई-इलाज हुआ सस्ता (TCS में कटौती)
- मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए Tax Collected at Source (TCS) की दरों में भारी कमी की गई है।
- विदेशी टूर पैकेज: TCS 20% से घटाकर मात्र 2% कर दिया गया है।
- शिक्षा और इलाज (LRS): विदेश में पढ़ाई या मेडिकल के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर TCS 5% से घटकर 2% रह जाएगा।
डेटा सेंटर्स और IT कंपनियों के लिए ‘दिवाली’
- भारत को ग्लोबल डेटा हब बनाने के लिए बजट में बड़े ऐलान किए गए हैं।
- 20 साल का टैक्स हॉलिडे: भारत में डेटा सेंटर सेवाओं का उपयोग करने वाली विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स छूट मिलेगी। इससे वैश्विक कंपनियों को डर नहीं रहेगा कि उनकी ग्लोबल इनकम पर भारत में टैक्स लगेगा।
- Safe Harbour Provisions: IT कंपनियों के लिए ‘सेफ हार्बर’ की सीमा ₹300 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ कर दी गई है। इससे मुकदमेबाजी कम होगी और व्यापार में निश्चितता आएगी।
LiveLawOrder,s Observation: सुगम व्यापार और सुरक्षित निवेश
ये बदलाव स्पष्ट संकेत देते हैं कि सरकार टैक्स कानूनों को आधुनिक बनाने के साथ-साथ खुदरा निवेशकों को जोखिम भरे ट्रेड से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। साथ ही, डेटा और IT सेक्टर में निवेश बढ़ाकर भारत को विकसित राष्ट्र (2047 तक) बनाने की नींव रखी जा रही है।

