Pakistani woman’s plea: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को एक पाकिस्तानी महिला की याचिका पर सुनवाई की।
वर्ष 2024 में एक भारतीय नागरिक से विवाह की
अदालत ने मामले में संबंधित पक्षकारों को जवाब दाखिल करने के लिए तीन हफ्तों का और समय दिया है। यह याचिका महिला ने भारत में अपने भारतीय पति के साथ रहने की अनुमति पाने के लिए दायर की है। यह पाकिस्तानी महिला वर्ष 2024 में एक भारतीय नागरिक से विवाह कर चुकी है। अदालत ने 6 अक्टूबर को केंद्र सरकार और अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किया था, लेकिन उस समय जवाब दाखिल नहीं किया गया।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी नागरिक की वीजा रद्द
न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह आखिरी मौका है जब केंद्र सरकार और अन्य पक्षकारों को जवाब दाखिल करने की अनुमति दी जा रही है। अब मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी। याचिकाकर्ता और उनके पति ने केंद्र सरकार के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी) के बाद पाकिस्तानी नागरिकों के सभी वीजा रद्द कर दिए गए थे। इसके बाद भारतीय अधिकारियों ने याचिकाकर्ता महिला को पाकिस्तान लौटने के निर्देश दिए थे।
5 अप्रैल 2025 को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत आई थी
याचिका में बताया गया है कि महिला 5 अप्रैल 2025 को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत आई थी और उसके पास पाकिस्तान सरकार द्वारा जारी पासपोर्ट (जो जून 2027 तक वैध है) तथा विज़िटर वीजा (अगस्त 2025 तक वैध) था। दोनों की शादी 14 नवंबर 2024 को पाकिस्तान में मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत संपन्न हुई थी। परिवारों के बीच लंबे समय से सामाजिक संबंध थे और इसी समझौते के तहत दोनों की शादी तय की गई थी।
लॉन्ग-टर्म वीजा (LTV) आवेदन पर विचार करने की मांग
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से आग्रह किया है कि 28 अप्रैल 2025 को जारी ‘एग्जिट परमिट’ को रद्द किया जाए, और महिला को भारत में प्रवेश की अनुमति दी जाए ताकि वह अपने पति के साथ रह सके और वैवाहिक जीवन जारी रख सके। इसके अलावा, उन्होंने यह भी मांग की है कि भारतीय उच्चायोग, इस्लामाबाद को निर्देश दिए जाएं कि वह महिला का वीजा आवेदन हाथ से स्वीकार करे, क्योंकि ऑनलाइन सुविधा बंद कर दी गई है, और उसके लॉन्ग-टर्म वीजा (LTV) आवेदन पर विचार किया जाए।
केंद्र की ओर से तीन हफ्तों में मांगा जवाब
केंद्र सरकार की ओर से पहले बताया गया था कि गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के आतंकी हमले के बाद सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा — चिकित्सा, लॉन्ग-टर्म, राजनयिक और आधिकारिक वीजा को छोड़कर 27 अप्रैल 2025 से रद्द करने का आदेश जारी किया था। अब अदालत ने केंद्र से तीन हफ्तों में विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है, ताकि यह तय किया जा सके कि क्या महिला को भारत लौटने और अपने भारतीय पति के साथ रहने की अनुमति दी जा सकती है।

