पुराने बनाम नए नियमों में मुख्य अंतर (Key Changes in 2026 Rules)
- अंक प्रणाली और साक्षात्कार का अंत (Points System Scrapped):मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू हुए 2026 के नियमों ने वर्ष 2020 की प्रणाली के 100-अंकों वाले मूल्यांकन फॉर्मूले (Points-based assessment) और पर्सनल इंटरव्यू/इंटरैक्शन प्रक्रिया को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
- स्थायी समिति की संरचना में बदलाव (Committee Structure):
- 2020 नियम: समिति में मुख्य न्यायाधीश, वरिष्ठ न्यायाधीशों के अलावा एडवोकेट जनरल (AG) और बार का एक सदस्य शामिल होता था।
- 2026 नियम: अब ‘स्थायी समिति’ (Permanent Committee) में केवल मुख्य न्यायाधीश और हाईकोर्ट के दो सबसे वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल हैं।
- पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria):
- अनुभव एवं आयु: आवेदक के पास न्यूनतम 10 वर्ष की वकालत का अनुभव होना अनिवार्य है और उसकी आयु कम से कम 45 वर्ष होनी चाहिए (हालांकि फुल कोर्ट आयु सीमा में छूट दे सकती है)।
- मुख्य वकालत: आवेदक को मुख्य रूप से हाईकोर्ट या जिला अदालतों में प्रैक्टिसिंग होना चाहिए।
- मूल्यांकन और डोमेन विशेषज्ञता (Holistic Assessment):सचिवालय आवेदक के आचरण, प्रतिष्ठा और सत्यनिष्ठा का पूरा ब्यौरा एकत्र कर ‘फुल कोर्ट’ (Full Court) के सामने पेश करेगा। फुल कोर्ट वकीलों के निम्नलिखित गुणों के आधार पर निर्णय लेगी:
- वकालत कौशल (Advocacy Skills) और पेशेवर आचरण।
- प्रो-बोनो (मुफ्त कानूनी सहायता) काम और जूनियरों का मार्गदर्शन करना (Mentoring)।
- विषयगत कानून की विशेष समझ (Domain Expertise)।
- पुराने आवेदनों को रद्द कर फ्रेश आवेदन व्यवस्था:2026 के नियमों के लागू होने के साथ ही वर्ष 2020 के नियमों को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया था। इसके तहत लंबित सभी पुराने आवेदनों व सिफारिशों को वापस लौटा दिया गया था ताकि अधिवक्ता नए सिरे से आवेदन कर सकें।
चेन्नई: उच्च न्यायालयों में अधिवक्ताओं को ‘वरिष्ठ अधिवक्ता’ (Senior Advocate) का दर्जा दिए जाने के विधिक मानदंडों, सर्वोच्च न्यायालय के मई 2025 के ऐतिहासिक दिशानिर्देशों के अनुपालन में पुराने 100-अंकों के मूल्यांकन और साक्षात्कार (Interview) प्रणाली के उन्मूलन, और स्थायी समिति के पुनर्गठन के बाद मद्रास हाईकोर्ट में नई व्यवस्था के तहत पहला व्यापक पदनाम अभ्यास (Designation Exercise) शुरू हो गया है।
नए नियमों के तहत कुल 281 अधिवक्ताओं ने सीनियर गाउन प्राप्त करने हेतु आवेदन किया
मद्रास उच्च न्यायालय ने सभी 281 आवेदकों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक करते हुए साथी अधिवक्ताओं, बार काउंसिल ऑफ तमिलनाडु एंड पुडुचेरी और संबद्ध बार एसोसिएशनों से लिखित सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। नियम स्पष्ट करते हैं कि किसी भी आवेदक के संबंध में दी जाने वाली राय या आपत्ति सत्यापनीय सामग्री (Verifiable Material) से पुष्ट होनी चाहिए, जिसे 27 अक्टूबर 2026 की शाम 5:45 बजे तक रजिस्ट्रार (प्रशासन) के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। आवेदकों की सूची में 1970 के दशक से लेकर 2015 तक राज्य बार काउंसिल में नामांकित (Enrolled) वकीलों के नाम शामिल हैं। मद्रास उच्च न्यायालय के नए नियमों के तहत कुल 281 अधिवक्ताओं ने सीनियर गाउन प्राप्त करने हेतु आवेदन किया है।
मद्रास हाईकोर्ट सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन रूल्स, 2026 की मुख्य विशेषताएं
मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 100-अंकों वाली प्रणाली को त्यागने और नए सिरे से नियम बनाने के निर्देशों की पृष्ठभूमि में मद्रास हाईकोर्ट ने 23 जुलाई 2026 को नए नियम अधिसूचित किए थे।
पुराने 2020 के नियमों की तुलना में 2026 के नए नियमों में निम्नलिखित बुनियादी व संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं:
| मानक / बिंदु | पुराने नियम (2020 रूल्स) | नए नियम (2026 रूल्स) |
| मूल्यांकन पद्धति | 100-अंकों का वस्तुनिष्ठ स्कोरिंग सिस्टम (पब्लिकेशन, वर्ष, अनुभव आदि)। | अंक-आधारित (Points-based) प्रणाली पूरी तरह समाप्त। समग्र योग्यता और आचरण पर विचार। |
| साक्षात्कार (Interview) | स्थायी समिति द्वारा व्यक्तिगत साक्षात्कार अनिवार्य था। | साक्षात्कार की अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। |
| स्थायी समिति की संरचना | सीजे, 2 वरिष्ठतम जज, महाधिवक्ता (AG), और बार का 1 मनोनीत सदस्य। | केवल मुख्य न्यायाधीश (CJ) और 2 वरिष्ठतम न्यायाधीश (AG और बार सदस्य बाहर)। |
| न्यूनतम आयु व अनुभव | न्यूनतम 10 वर्ष की वकालत। | न्यूनतम 10 वर्ष की वकालत और कम से कम 45 वर्ष की आयु (फुल कोर्ट को आयु में छूट देने की शक्ति)। |
| अंतिम चयन प्राधिकारी | फुल कोर्ट (समिति की सिफारिश पर)। | फुल कोर्ट (Full Court) — पूर्ण डोजियर के आधार पर समग्र मूल्यांकन। |
नए नियमों के तहत पदनाम की पात्रता एवं मूल्यांकन के प्रमुख मानदंड
1. आयु एवं वकालत का क्षेत्र:
- आवेदक का बार में कम से कम 10 वर्ष का विधिक अनुभव होना चाहिए और उसकी आयु कम से कम 45 वर्ष होनी चाहिए (यद्यपि असाधारण मामलों में उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट को न्यूनतम आयु सीमा शिथिल करने का अधिकार है)।
- आवेदक को मुख्य रूप से मद्रास उच्च न्यायालय अथवा तमिलनाडु की किसी जिला अदालत में वकालत करनी चाहिए। विशेष न्यायाधिकरणों (Tribunals) में अभ्यास करने वाले वकीलों को हाईकोर्ट में उपस्थिति की सीमा से उचित छूट दी जा सकती है।
2. सचिवालय (Secretariat) द्वारा चरित्र व सत्यनिष्ठा की जांच:
- उच्च न्यायालय का एक स्थायी सचिवालय प्रत्येक आवेदक की प्रतिष्ठा, आचरण, नैतिक आचरण और सत्यनिष्ठा (Integrity) से संबंधित गोपनीय और तथ्यात्मक जानकारी एकत्र करेगा।
- यह संपूर्ण डोजियर (Complete Dossier) अंतिम निर्णय के लिए उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीशों (Full Court) के समक्ष विचारार्थ रखा जाएगा।
3. फुल कोर्ट द्वारा विचार किए जाने वाले मुख्य गुण:
नियम 2026 विशेष रूप से निम्नलिखित विधिक व व्यक्तिगत गुणों को पदनाम के लिए प्राथमिक आधार मानते हैं:
- वकालत कौशल (Advocacy Skills): न्यायालय में जटिल कानूनी तर्कों को प्रस्तुत करने की बौद्धिक क्षमता।
- पेशेवर नैतिकता (Professional Ethics): न्यायालय और मुवक्किल के प्रति ईमानदारी।
- जूनियर वकीलों का मेंटरशिप (Mentoring Juniors): युवा वकीलों को प्रशिक्षित करने और उन्हें संवारने में योगदान।
- निःशुल्क विधिक कार्य (Pro Bono Work): गरीब और जरूरतमंद वादियों के मुकदमों की निःशुल्क पैरवी।
- विषय-विशेषज्ञता (Domain Expertise): कानून के किसी विशेष क्षेत्र में गहरी पकड़।
4. पुराने आवेदनों की वापसी और नए सिरे से प्रक्रिया:
- वर्ष 2026 के नियमों ने पूर्ववर्ती 2020 नियमों को पूर्णतः निरस्त (Repealed) कर दिया है।
- 2020 के शासन के तहत लंबित सभी पुराने आवेदनों, प्रस्तावों और सिफारिशों को संबंधित अधिवक्ताओं को वापस लौटा दिया गया था, जिसके चलते अब सभी वकीलों को 2026 के नए ढांचे के तहत नए सिरे से आवेदन करना पड़ा है।
पृष्ठभूमि: 4 साल बाद हो रहा है पदनाम अभ्यास
- पिछला राउंड (जनवरी 2023):
- मद्रास उच्च न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ताओं का पिछला पदनाम लगभग 4 वर्ष पूर्व हुआ था, जब जनवरी 2023 में तत्कालीन फुल कोर्ट ने 2020 के नियमों के तहत 62 अधिवक्ताओं को ‘सीनियर एडवोकेट’ का गाउन प्रदान किया था।
- सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप (मई 2025):
- इंदिरा जयसिंह बनाम सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया श्रृंखला के बाद मई 2025 में शीर्ष अदालत ने माना कि अत्यधिक यांत्रिक 100-अंकों की व्यवस्था और इंटरव्यू के अंक कई बार वास्तविक योग्यता और अदालत कक्ष में दशकों के अनुभव को सही ढंग से नहीं दर्शाते।
- सर्वोच्च न्यायालय ने सभी उच्च न्यायालयों को अंक प्रणाली समाप्त कर विवेकाधीन और वस्तुनिष्ठ नियमों को पुनर्गठित करने का निर्देश दिया था, जिसके अनुपालन में मद्रास हाईकोर्ट ने यह नई नियमावली तैयार की है।
विधिक एवं प्रशासनिक विवरण
- नियम: मद्रास उच्च न्यायालय वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम नियम, 2026 (Rules for Designation of Senior Advocates by the High Court of Madras, 2026)
- अधिसूचना की तिथि: 23 जुलाई 2026
- कुल आवेदक: 281 अधिवक्ता
- आपत्तियां/सुझाव आमंत्रित करने की अंतिम तिथि: 27 अक्टूबर 2026 (शाम 5:45 बजे तक)
- सक्षम अधिकारी: रजिस्ट्रार (प्रशासन), मद्रास उच्च न्यायालय
- प्रासंगिक कानून एवं विधिक धाराएं:
- अधिवक्ता अधिनियम, 1961 (Advocates Act, 1961) की धारा 16(2) (वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में पदनामित करने का उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय का अधिकार)
- भारत का संविधान – अनुच्छेद 225 (उच्च न्यायालयों की नियम-निर्माण शक्ति)
- संबद्ध ऐतिहासिक न्यायिक नजीरें:
- इंदिरा जयसिंह बनाम सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया (2017 एवं 2023 दिशानिर्देश)
- सुप्रीम कोर्ट निर्देश (मई 2025) — ‘वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा विशुद्ध रूप से बार में प्रतिष्ठा, कानूनी विशेषज्ञता और अदालत के प्रति निष्ठा का सम्मान है; अंकों की यांत्रिक गणना और औपचारिक इंटरव्यू को समाप्त कर फुल कोर्ट की सामूहिक राय को प्राथमिकता दी जाए।’
- वर्तमान स्थिति: 281 वकीलों की सूची पर बार और जनता से आपत्तियां आमंत्रित; 27 अक्टूबर के बाद सचिवालय डोजियर तैयार कर फुल कोर्ट के समक्ष अंतिम निर्णय हेतु पेश करेगा।
Senior Advocate:मामले का विवरण (At A Glance)
| विवरण | जानकारी |
| संबंधित अदालत | मद्रास उच्च न्यायालय (मद्रास एवं मदुरै पीठ) |
| कुल आवेदक | 281 अधिवक्ता (नामांकन वर्ष: 1970 के दशक से 2015 तक) |
| नया नियम | Rules for Designation of Senior Advocates by the High Court of Madras, 2026 (23 जुलाई 2026 को अधिसूचित) |
| पिछला बदलाव | मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 100 अंकों की पुरानी मूल्यांकन प्रणाली को समाप्त करने के बाद नए नियम लागू। |
| जन-सुझाव की अंतिम तिथि | 27 अक्टूबर 2026 (शाम 5:45 बजे तक) |

