SP CUSTODY: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक याचिकाकर्ता के वकील की गिरफ्तारी पर कड़ी नाराजगी जताई।
व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का अादेशा
अदालत ने फर्रुखाबाद की पुलिस अधीक्षक (एसपी) आरती सिंह को निर्देश दिया कि जब तक गिरफ्तार अधिवक्ता को कोर्ट में पेश नहीं किया जाता, वे अदालत कक्ष से बाहर नहीं जाएंगी। अदालत ने एसपी सिंह को व्यक्तिगत हलफनामा (personal affidavit) दाखिल करने का भी आदेश दिया और मामले की अगली सुनवाई बुधवार को तय की।
मामला क्या है
न्यायमूर्ति जे. जे. मुनीर और संजय कुमार की खंडपीठ यह आदेश प्रीति यादव द्वारा दायर हैबियस कॉर्पस (हिरासत से मुक्ति) याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। यादव ने आरोप लगाया था कि उनके पति को पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में लिया है। 9 अक्टूबर को हुई पिछली सुनवाई में अदालत ने कहा था कि, “प्रथम दृष्टया, आरोप यह दर्शाते हैं कि थाना कयमगंज के प्रभारी निरीक्षक अनुराग मिश्रा, क्षेत्राधिकारी कयमगंज तथा एसपी फर्रुखाबाद ने न्यायिक प्रक्रिया में अवरोध (obstruction of justice) डाला है।” तब अदालत ने इन तीनों अधिकारियों को मंगलवार दोपहर 2 बजे व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था और साथ ही पुलिस को यह भी आदेश दिया था कि वे याचिकाकर्ता से किसी भी प्रकार का संपर्क, धमकी या उत्पीड़न न करें।
आरोप और घटनाक्रम
याचिकाकर्ता की ओर से दाखिल पूरक हलफनामे में कहा गया कि 8 सितंबर की रात लगभग 9 बजे यादव के पति और एक अन्य व्यक्ति को पुलिस ने ग़ैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया और उन्हें 14 सितंबर की रात को छोड़ा गया। यह भी आरोप लगाया गया कि पुलिस ने प्रीति यादव को जबरन एक पत्र लिखवाया, जिसमें यह कहा गया कि उनके पति और दूसरे व्यक्ति को कभी हिरासत में नहीं लिया गया था और वह भविष्य में कोई हैबियस कॉर्पस याचिका दाखिल नहीं करेंगी।
वकील की गिरफ्तारी और कोर्ट की कार्रवाई
14 अक्तूबर 2025 को एसपी आरती सिंह अदालत में मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, अदालत की कार्यवाही के बाद यह सूचना दी गई कि फर्रुखाबाद में याचिकाकर्ता के स्थानीय वकील अवधेश मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस पर बेंच ने तुरंत आदेश दिया कि “एसपी आरती सिंह अदालत से बाहर नहीं जाएंगी, जब तक गिरफ्तार वकील अवधेश मिश्रा को कोर्ट में पेश नहीं किया जाता।” बाद में जब अवधेश मिश्रा को अदालत में पेश किया गया, तब हाईकोर्ट ने एसपी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई बुधवार के लिए सूचीबद्ध कर दी।

