TRAFFIC-FINE: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इंदौर में ट्रैफिक नियमों के खुलेआम उल्लंघन पर नाराजगी जताई है।
‘राजलक्ष्मी फाउंडेशन’ की जनहित याचिका
कोर्ट ने कहा कि जब तक नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना नहीं लगाया जाएगा, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे। कोर्ट ने साफ कहा कि जैसे स्वच्छता को लेकर लोगों में समझ विकसित हुई है, वैसे ही ट्रैफिक नियमों के लिए भी सख्त कदम उठाने होंगे। यह टिप्पणी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने की। वे सामाजिक संस्था ‘राजलक्ष्मी फाउंडेशन’ की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। याचिका में इंदौर की खराब ट्रैफिक व्यवस्था की ओर ध्यान दिलाया गया था।
तीन लोग बिना हेलमेट एक बाइक पर घूम रहे हैं
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि राज्य में अब भी लोग बिना किसी डर के ट्रैफिक नियम तोड़ रहे हैं। तीन लोग एक ही दोपहिया वाहन पर बिना हेलमेट के घूमते हैं और वाहन कहीं भी पार्क कर देते हैं। जब तक ऐसे लोगों पर भारी जुर्माना नहीं लगाया जाएगा, तब तक ये समस्याएं खत्म नहीं होंगी।
मेयर को बनाया गया कोर्ट मित्र
हाईकोर्ट ने इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव को इस मामले में कोर्ट मित्र (एमिकस क्यूरी) नियुक्त किया है। राजनीति में आने से पहले भार्गव हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में अतिरिक्त महाधिवक्ता रह चुके हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे। खासकर ई-रिक्शा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के अनुसार स्पष्ट नियम बनाए जाने चाहिएं।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता संस्था की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बगारिया ने पक्ष रखा। वहीं राज्य सरकार और इंदौर नगर निगम की ओर से अधिवक्ता भुवन गौतम ने दलीलें दीं। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

