Wednesday, September 30, 2026
HomeLaw Firms & Assoc.NALSAR Student Vs BCI-V: सीजेआई और BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के...

NALSAR Student Vs BCI-V: सीजेआई और BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के दीक्षांत समारोह में शामिल होने का विरोध; NALSAR से माफी की मांग

मामला सारांश (At a Glance)

पहलूविवरण
संस्थाननेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU), बेंगलुरु
विरोध का विषयCJI सूर्यकांत और BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को दीक्षांत समारोह में बुलाने पर आपत्ति।
मुख्य मांगNALSAR विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों से BCI द्वारा बिना शर्त माफी।
हस्ताक्षरकर्ता700+ छात्र एवं पूर्व छात्र (165 ग्रैजुएटिंग, 409 वर्तमान छात्र, 128 पूर्व छात्र)
मूल कानूनी तर्कBCI अध्यक्ष के पास किसी यूनिवर्सिटी के बैच का एनरोलमेंट रोकने का एकतरफा अधिकार नहीं है; यह कार्रवाई असहमति के अधिकार का हनन है।

NALSAR Student Vs BCI-V: नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) के 700 से अधिक छात्रों और पूर्व छात्रों ने एक संयुक्त बयान जारी कर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की NLSIU के दीक्षांत समारोह में उपस्थिति पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

इसके साथ ही, उन्होंने NALSAR यूनिवर्सीटी ऑफ लॉ के छात्रों और संकाय (Faculty) सदस्यों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई और बयानों के लिए BCI से बिना शर्त माफी (Unconditional Apology) की मांग की है।

Also Read; NALSAR Student Vs BCI-IV: नालसार स्टूडेंट बार काउंसिल का हमला.. कोई भी संस्थान जांच के दायरे से परे नहीं, BCI अध्यक्ष से माफी की मांग, जानिए

मुख्य बिंदु और विरोध के कारण

  1. NALSAR एनरोलमेंट विवाद और BCI का रुख
    • यह विवाद BCI द्वारा 13 अगस्त को NALSAR के 2026 बैच के वकालत नामांकन (Enrolment) पर अचानक रोक लगाने और कुछ ही घंटों बाद उसे बहाल करने के फैसले के बाद बढ़ा है। NALSAR के छात्रों द्वारा CJI सूर्यकांत की अपने दीक्षांत समारोह में उपस्थिति का विरोध करने पर BCI ने यह कदम उठाया था।
  2. BCI अध्यक्ष के अधिकारों पर सवाल
    • बयान पर 165 स्नातक छात्रों, 409 वर्तमान छात्रों और 128 पूर्व छात्रों ने हस्ताक्षर किए हैं।
    • उन्होंने कहा कि BCI अध्यक्ष पूरे काउंसिल का प्रतिनिधित्व नहीं करते (जिसमें अटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल और राज्य बार काउंसिलों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं)। इसलिए अध्यक्ष के पास एकतरफा (Unilaterally) रूप से छात्रों का एनरोलमेंट रोकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था।
  3. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Free Speech) पर हमला
    • छात्रों ने रवींद्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध कविता “व्हेयर द माइंड इज़ विदाउट फियर” का हवाला देते हुए BCI की कार्रवाई को फ्री स्पीच पर सीधा हमला बताया।
    • NALSAR के छात्रों और शिक्षकों को चिह्नित करने के BCI के निर्देश को एक “विच-हंट” (Witch-hunt) करार दिया गया।
  4. ‘बाहरी तत्वों’ के दावों का खंडन
    • BCI के पत्र की भाषा पर आपत्ति जताते हुए छात्रों ने कहा कि “मासूम” छात्रों को “बाहरी तत्वों” द्वारा भड़काने का दावा अपमानजनक और बेतुका है। NLSIU के छात्रों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी स्वतंत्र सोच और इच्छा से इस बयान को जारी किया है।
  5. दीक्षांत समारोह के गौरव पर असर
    • छात्रों ने कहा कि दीक्षांत समारोह छात्रों की मेहनत और संघर्षों का मील का पत्थर होता है। ऐसे अतिथियों को आमंत्रित करना जिन्होंने पूर्व में विरोध करने वाले छात्रों के प्रति तिरस्कार व्यक्त किया है, इस उत्सव को गौरवपूर्ण बनाने के बजाय अपमानजनक बनाता है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Patna
clear sky
25.2 ° C
25.2 °
25.2 °
91 %
2.5kmh
0 %
Wed
32 °
Thu
32 °
Fri
33 °
Sat
33 °
Sun
33 °

Recent Comments