Friday, October 9, 2026
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Jio Company: Jio ट्रेडमार्क का दुरुपयोग…लॉटरी और ऑनलाइन गेमिंग चलाने वाली 125 डोमेन और वेबसाइट्स तत्काल निलंबित करने का आदेश

हाईकोर्ट के मुख्य निष्कर्ष और कानूनी सिद्धांत

  1. ‘रॉग वेबसाइट’ (Rogue Website) का सिद्धांत:अदालत ने अपने 2019 के ऐतिहासिक फैसले (UTV Software Communication Ltd. v. 1337X.to) का हवाला देते हुए कहा कि कोई वेबसाइट ‘रॉग’ (दुष्ट/फर्जी) है या नहीं, इसका निर्धारण गुणात्मक (Qualitative) होना चाहिए, न कि केवल मात्रात्मक (Quantitative)। अदालत यह देखती है कि वेबसाइट का प्राथमिक उद्देश्य और प्रभाव क्या है।
  2. उपभोक्ताओं को भ्रम और धोखाधड़ी से बचाना:रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अदालत को बताया कि ये वेबसाइटें JIO, JIO LOTTERY और JIO LOTTERY GAME जैसे नामों का उपयोग करके आम जनता को लॉटरी और गेमिंग सेवाओं के नाम पर धोखा दे रही थीं। इससे कंपनी के ‘Jio’ ब्रांड के वैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा था।
  3. डोमेन रजिस्ट्रारों और गूगल को निर्देश:
    • कोर्ट ने राहुल मीना को जियो के समान या मिलते-जुलते डोमेन पंजीकृत करने या संचालित करने से रोक दिया।
    • GoDaddy, NameCheap, Dynadot, Spaceship जैसे डोमेन नाम रजिस्ट्रारों को 125 सूचीबद्ध फर्जी वेबसाइटों और खातों को तुरंत निलंबित करने का निर्देश दिया गया।
    • गूगल (Google) को अपने ‘ब्लॉगर’ (Blogger) प्लेटफॉर्म पर होस्ट किए गए उल्लंघनकारी पेज को हटाने का निर्देश दिया गया।
  4. पूर्व-संस्थान मध्यस्थता से छूट:मामले की अत्यावश्यकता और अंतरिम राहत की आवश्यकता को देखते हुए हाईकोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को कमर्शियल कोर्ट्स एक्ट के तहत अनिवार्य प्री-इंस्टीट्यूशन मध्यस्थता (Pre-institution Mediation) से छूट प्रदान की।

नई दिल्ली: बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights), प्रसिद्ध पंजीकृत ट्रेडमार्क (Well-known Registered Trademarks) का अवैध उपयोग कर साइबर धोखाधड़ी और ऑनलाइन जुआ/लॉटरी संचालित करने वाले नेटवर्क, तथा दिल्ली हाईकोर्ट के ऐतिहासिक UTV सॉफ्टवेयर (2019) निर्णय के तहत ‘रॉग वेबसाइट्स’ (Rogue Websites) की पहचान के गुणात्मक परीक्षण (Qualitative Test) पर दिल्ली हाईकोर्ट ने व्यापक व्यादेश (Injunction) जारी किया है।

न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की एकल पीठ ने 7 अक्टूबर 2026 को पारित अपने अंतरिम आदेश में पाया कि विवादित वेबसाइट्स पहली नजर में ‘रॉग वेबसाइट्स’ की विधिक कसौटी पर पूरी तरह खरी उतरती हैं। इसके साथ ही अदालत ने दिग्गज टेक कंपनी Google LLC को उसके ‘ब्लॉगर’ (Blogger) प्लेटफॉर्म पर होस्ट किए गए उस वेबपेज को तुरंत हटाने (Takedown) का निर्देश दिया है, जो ‘Jio’ ट्रेडमार्क का प्रत्यक्ष उल्लंघन कर रहा था। हाईकोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के पंजीकृत ट्रेडमार्क ‘Jio’ का दुरुपयोग कर अवैध लॉटरी, ऑनलाइन गेमिंग और वित्तीय लेन-देन सेवाएं देने वाली 125 वेबसाइट्स और डोमेन नामों को तत्काल निलंबित (Suspend) करने का आदेश दिया है।

उच्च न्यायालय के प्रमुख विधिक निष्कर्ष एवं न्यायिक टिप्पणियां

1. ‘UTV सॉफ्टवेयर’ (2019) फैसले के ‘गुणात्मक परीक्षण’ (Qualitative Test) का अनुप्रयोग

न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने वर्ष 2019 के ऐतिहासिक निर्णय UTV सॉफ्टवेयर कम्युनिकेशन लिमिटेड बनाम 1337X.to में प्रतिपादित सिद्धांतों का हवाला देते हुए रेखांकित किया:

“किसी वेबसाइट के ‘रॉग वेबसाइट’ (Rogue Website) होने का निर्धारण मात्रात्मक (Quantitative) न होकर गुणात्मक (Qualitative) होना चाहिए।

अदालतों को केवल यह नहीं देखना चाहिए कि वेबसाइट पर उल्लंघनकारी सामग्री का अनुपात कितना है, बल्कि वेबसाइट के प्राथमिक उद्देश्य और प्रभाव (Primary Purpose and Effect) का परीक्षण करना आवश्यक है। यदि किसी वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य ही किसी अन्य के ट्रेडमार्क या कॉपीराइट का उल्लंघन कर धोखाधड़ी करना है, तो वह पूरी वेबसाइट दुर्भावनापूर्ण और रॉग मानी जाएगी।”

2. व्यक्तिगत URL ब्लॉकिंग की निष्प्रभावीता:

  • अदालत ने स्वीकार किया कि रॉग वेबसाइटों के मामलों में केवल व्यक्तिगत यूआरएल (Individual URLs) को ब्लॉक करना अप्रभावी साबित होता है, क्योंकि ऐसे मंचों के संचालक प्रतिबंधों से बचने के लिए तुरंत नए यूआरएल या रीडायरेक्ट लिंक तैयार कर लेते हैं।
  • इसी सिद्धांत को लागू करते हुए अदालत ने मुख्य प्रतिवादी राहुल मीणा को ‘Jio’ के समरूप या भ्रामक रूप से समान किसी भी डोमेन नाम को पंजीकृत करने, संचालित करने, नियंत्रित करने या बढ़ावा देने से पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया।

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मामले की तथ्यात्मक पृष्ठभूमि: फर्जी लॉटरी व गेमिंग सिंडिकेट

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज का दावा:
    • रिलायंस इंडस्ट्रीज ने राहुल मीणा और कई डोमेन रजिस्ट्रार (DNRs), गूगल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा दूरसंचार विभाग (DoT) के खिलाफ वाणिज्यिक ट्रेडमार्क उल्लंघन का वाद दायर किया था।
    • कंपनी ने दलील दी कि ‘JIO’ एक सुप्रसिद्ध और पंजीकृत ट्रेडमार्क है, जिस पर कंपनी का अनन्य सांविधिक (Statutory) और कॉमन लॉ अधिकार है।
  • विवादित डोमेन नाम:
    • उल्लंघनकर्ताओं द्वारा पंजीकृत वेबसाइटों में jiolotteryi.com, jiolotterylogin.com, jiolotterygame.com, jiolottery.club और jiolottery.store जैसे डोमेन शामिल थे।
    • इन वेबसाइटों पर ‘JIO’, ‘JIO LOTTERY’ और ‘JIO LOTTERY GAME’ जैसे नामों का उपयोग कर अवैध लॉटरी, सट्टा, गेमिंग और भुगतान संबंधी सेवाएं चलाई जा रही थीं।
  • उपभोक्ताओं में भ्रम:
    • वादी ने तर्क दिया कि ये नाम रिलायंस के मूल ट्रेडमार्क के इतने समरूप और भ्रामक रूप से मिलते-जुलते हैं कि आम जनता और उपभोक्ता इन्हें रिलायंस जियो की आधिकारिक सेवाएं समझकर धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं।

उच्च न्यायालय द्वारा जारी प्रमुख निर्देश

  1. 125 वेबसाइट्स का निलंबन: अदालत ने आदेश के संलग्नक (Annexure) में सूचीबद्ध 125 वेबसाइट्स और डोमेन नामों को डोमेन रजिस्ट्रारों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेशों तक निलंबित करने का निर्देश दिया।
  2. ब्लॉगर वेबपेज का टेकडाउन: गूगल को उसके ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ‘ब्लॉगर’ पर मौजूद संबंधित उल्लंघनकारी वेबपेज को तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया।
  3. डोमेन रजिस्ट्रारों को पाबंदी: नेमचीप (NameCheap), गोडैडी (GoDaddy), डायनाडॉट (Dynadot), स्पेसशिप (Spaceship) आदि प्रमुख डोमेन रजिस्ट्रारों को निर्देश दिया गया कि वे इन खातों और मिरर/रीडायरेक्ट वेबसाइटों को ब्लॉक रखें।
  4. पूर्व-संस्थागत मध्यस्थता से छूट: अंतरिम राहत की तात्कालिकता और अपूरणीय वित्तीय क्षति के जोखिम को देखते हुए अदालत ने रिलायंस को वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 की धारा 12A के तहत अनिवार्य पूर्व-संस्थागत मध्यस्थता (Pre-Institution Mediation) से छूट प्रदान की।

विधिक एवं विधायी विश्लेषण: क्या कहता है कानून?

  • ट्रेडमार्क अधिनियम, 1999 (Trade Marks Act, 1999):
    • धारा 29 (ट्रेडमार्क का उल्लंघन): जब कोई व्यक्ति किसी पंजीकृत ट्रेडमार्क के समरूप या भ्रामक रूप से समान चिह्न का उपयोग ऐसे सामान या सेवाओं के लिए करता है जिससे जनता में भ्रम (Confusion and Deception) पैदा होने की संभावना हो, तो यह प्रत्यक्ष उल्लंघन है।
    • साइबर स्क्वाटिंग (Cybersquatting): किसी स्थापित ब्रांड नाम को डोमेन नेम में जोड़कर उसका अनुचित व्यावसायिक लाभ उठाना अंतरराष्ट्रीय व भारतीय कानून में पूर्णतः अवैध है।
  • ‘रॉग वेबसाइट्स’ का सिद्धांत (UTV सॉफ्टवेयर केस, 2019):
    • दिल्ली हाईकोर्ट ने इंटरनेट पर कॉपीराइट और ट्रेडमार्क चोरी रोकने के लिए गतिशील निषेधाज्ञा (Dynamic Injunction) और वेबसाइट-स्तरीय ब्लॉकिंग का ढांचा तैयार किया था, ताकि पाइरेसी और फर्जीवाड़ा करने वाले नेटवर्क को पूरी तरह बंद किया जा सके।
  • वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 की धारा 12A:
    • यद्यपि वाणिज्यिक मुकदमों में पहले मध्यस्थता अनिवार्य है, परंतु जहां तत्काल अंतरिम सुरक्षा (Urgent Interim Relief) की आवश्यकता हो, वहां अदालतें वादकारी को इस प्रक्रिया से छूट दे सकती हैं।

विधिक विवरण

  • केस संदर्भ: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड बनाम राहुल मीणा व अन्य [वाणिज्यिक वाद (IPR) – दिल्ली उच्च न्यायालय]
  • पीठ: न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव (एकल पीठ)
  • आदेश की तिथि: 7 अक्टूबर 2026
  • अगली सुनवाई की तिथि: 30 नवंबर 2026
  • विधिक प्रतिनिधित्व:
    • वादी (रिलायंस इंडस्ट्रीज) की ओर से: अधिवक्ता अंकित साहनी, चिराग अहलूवालिया एवं मोहित
    • गूगल (Google LLC) की ओर से: अधिवक्ता आदित्य गुप्ता एवं एंजेला अरोड़ा
    • केंद्र सरकार (MeitY एवं DoT) की ओर से: स्थायी वकील (Standing Counsel) शिवांशु भारद्वाज एवं सरकारी प्लीडर मनीष रावत
  • प्रासंगिक कानून एवं विधिक प्रावधान:
    • ट्रेडमार्क अधिनियम, 1999 की धाराएं 28, 29 एवं 135
    • वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 की धारा 12A (अनिवार्य मध्यस्थता से छूट)
    • सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (CPC) का आदेश XXXIX नियम 1 एवं 2 (अस्थायी व्यादेश)
  • संबद्ध ऐतिहासिक न्यायिक नजीर:
    • यूटीवी सॉफ्टवेयर कम्युनिकेशन लिमिटेड बनाम 1337X.to (2019, दिल्ली हाईकोर्ट) — ‘रॉग वेबसाइटों की पहचान हेतु गुणात्मक परीक्षण और व्यापक ब्लॉकिंग का सिद्धांत।’
  • अंतिम परिणाम: प्रतिवादी पर जियो ट्रेडमार्क के उपयोग पर पूर्ण अंतरिम रोक; डोमेन रजिस्ट्रारों को 125 डोमेन/वेबसाइट्स निलंबित करने का आदेश; गूगल को उल्लंघनकारी ब्लॉगर पेज हटाने का निर्देश; अंतरिम आवेदन पर अगली सुनवाई 30 नवंबर 2026 को होगी।

Jio Company:मामले का संक्षिप्त विवरण (At A Glance)

विवरणजानकारी
संबंधित अदालतदिल्ली उच्च न्यायालय (न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव)
वादी (Plaintiff)रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL)
प्रतिवादीराहुल मीना, डोमेन रजिस्ट्रार (GoDaddy, NameCheap आदि), गूगल, MeitY और DoT
विवादित डोमेनjiolotteryi.com, jiolotterylogin.com, jiolotterygame.com आदि
मुख्य आदेश125 फर्जी वेबसाइटों को तुरंत निलंबित करना और गूगल ब्लॉगर से संबंधित पेज को हटाना
अगली सुनवाई30 नवंबर 2026
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