Digital arrest case: देश में पहली बार डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड केस में दोषियों को सजा सुनाई गई है।
यह मामला अक्टूबर 2024 में सामने आया था
पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की कल्याणी कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में 9 आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी। कोर्ट ने गुरुवार को इन्हें दोषी ठहराया था। यह फैसला साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों के बीच एक बड़ी कानूनी उपलब्धि माना जा रहा है। यह मामला अक्टूबर 2024 में सामने आया था, जब एक रिटायर्ड साइंटिस्ट पार्थ कुमार मुखर्जी से 1 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। उन्हें व्हाट्सएप कॉल पर खुद को मुंबई पुलिस का अफसर बताकर एक शख्स ने फर्जी आरोप लगाए और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर कई बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए।
रानाघाट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुअा था
6 नवंबर 2024 को रानाघाट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुआ। जांच में सामने आया कि कॉल कंबोडिया से भारतीय सिम कार्ड के जरिए की गई थी। आरोपियों का नेटवर्क देशभर में फैला था और 100 से ज्यादा लोगों को इसी तरह ठगा गया था। सजा पाए 9 आरोपी हैं: मोहम्मद इम्तियाज अंसारी, शाहिद अली शेख, शाहरुख रफीक शेख, जतिन अनुप लाडवाल, रोहित सिंह, रूपेश यादव, साहिल सिंह, पठान सुमैया बानो और फलदू अशोक। इनमें से 4 महाराष्ट्र, 3 हरियाणा और 2 गुजरात के रहने वाले हैं।
सिर्फ 4.5 महीने में पूरा हुअा ट्रायल
स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर बिवास चटर्जी ने कहा, “यह देश में डिजिटल अरेस्ट केस में पहली सजा है। ट्रायल 24 फरवरी 2025 को शुरू हुआ था और सिर्फ 4.5 महीने में पूरा हो गया। घटना के 8 महीने के भीतर फैसला आ गया। यह हमारे लिए मील का पत्थर है।”
जांच में सामने आए अहम तथ्य
- कॉल कंबोडिया से, सिम भारत का जांच में पता चला कि ठगी के लिए कॉल कंबोडिया से की गई थी, लेकिन इसमें भारतीय सिम कार्ड का इस्तेमाल हुआ।
- देशभर में फैला था नेटवर्क आरोपी महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान से पकड़े गए। कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 9 को चार्जशीट के बाद दोषी ठहराया गया।
- कई धाराओं में हुई सजा दोषियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की कई धाराओं में सजा दी गई है। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, पहचान की चोरी, साजिश और फर्जीवाड़ा शामिल हैं।
- साइबर फ्रॉड के खिलाफ सख्त संदेश इस केस की सफल सुनवाई और सजा से भविष्य में ऐसे साइबर अपराधों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डिजिटल फ्रॉड से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें।

