Tuesday, August 11, 2026
HomeSupreme Court Village naming case: बाड़मेर के दो गांव "अमरगढ़" और "सगतसर…नाम बदला राजस्थान...

 Village naming case: बाड़मेर के दो गांव “अमरगढ़” और “सगतसर…नाम बदला राजस्थान सरकार पर हुआ भारी

 Village naming case: सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए स्पष्ट किया है कि कोई भी राज्य सरकार अपनी ही बनाई गई नीतियों के विरुद्ध जाकर कार्य नहीं कर सकती।

राज्य सरकार के निर्णय को किया खारिज

शीर्ष कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने राजस्थान के बाड़मेर जिले के निवासियों की अपील को स्वीकार करते हुए, राजस्व गांवों के नाम ‘व्यक्तियों’ के नाम पर रखने के राज्य सरकार के निर्णय को खारिज कर दिया है।

यह है पूरा विवाद

राजस्थान सरकार ने दिसंबर 2020 में भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की शक्तियों का उपयोग करते हुए कई नए राजस्व गाँवों का गठन किया था। इनमें बाड़मेर के दो गांव “अमरगढ़” और “सगतसर” शामिल थे। स्थानीय निवासियों ने इसे राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी, क्योंकि ये नाम ‘अमरराम’ और ‘सगत सिंह’ नामक व्यक्तियों के नाम पर रखे गए थे।

नीति बनाम सरकार का निर्णय

अदालत ने राज्य सरकार द्वारा 2009 में जारी एक परिपत्र (Circular) का हवाला दिया, जिसमें नए राजस्व गाँवों के नामकरण के मानदंड तय किए गए थे।

  • क्लॉज 4 की अनिवार्यता: इस नीति के अनुसार, किसी भी राजस्व गाँव का नाम किसी व्यक्ति, धर्म, जाति या उप-जाति के आधार पर नहीं रखा जा सकता।
  • सांप्रदायिक सद्भाव: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य ‘सांप्रदायिक सद्भाव’ बनाए रखना है और यह एक नीतिगत निर्णय है जो सरकार पर बाध्यकारी है।

हाईकोर्ट के आदेश को पलटा

इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 2020 की अधिसूचना को रद्द कर दिया था, लेकिन बाद में खंडपीठ (Division Bench) ने इसे बहाल कर दिया। अब सुप्रीम कोर्ट ने खंडपीठ के फैसले को दरकिनार करते हुए एकल पीठ के निर्णय को पुनर्स्थापित कर दिया है।

अदालत की मुख्य टिप्पणी: > “यह कानून का स्थापित सिद्धांत है कि नीतिगत निर्णय सरकार पर बाध्यकारी होते हैं। सरकार तब तक अपनी नीति के विपरीत कार्य नहीं कर सकती जब तक कि उस नीति को कानूनी रूप से संशोधित या वापस न ले लिया जाए।”

राजस्व गांव का अर्थ

एक राजस्व गांव एक छोटा प्रशासनिक क्षेत्र होता है जिसकी सीमाएँ परिभाषित होती हैं। इसमें कई ढाणियाँ (Hamlets) हो सकती हैं और इसका नेतृत्व एक ग्राम प्रशासनिक अधिकारी करता है। कोर्ट ने माना कि भले ही संबंधित व्यक्तियों ने जमीन दान दी हो, फिर भी कानून और नीति का उल्लंघन कर उनके नाम पर गाँव का नाम नहीं रखा जा सकता।

IN THE SUPREME COURT OF INDIA
CIVIL APPELLATE JURISDICTION
CIVIL APPEAL No. OF 2025
(@ SLP (C) No. 27965 of 2025)
BHIKA RAM & ANR VERSUS STATE OF RAJASTHAN & ORS.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
scattered clouds
34.6 ° C
34.6 °
34.6 °
49 %
2.6kmh
47 %
Tue
35 °
Wed
39 °
Thu
38 °
Fri
36 °
Sat
34 °