Sunday, August 16, 2026
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Supreme Court: समाज को बदलना होगा, हम कुछ नहीं कर सकते…बेंगलुरु वाले कांड से जुड़ी याचिका पर क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने

Supreme Court: बेंगलुरु के तकनीकी विशेषज्ञ अतुल सुभाष की हालिया आत्महत्या के मद्देनजर दहेज और घरेलू हिंसा कानूनों के दुरुपयोग को रोकने की मांग करते हुए याचिका दायर पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, समाज को बदलना होगा, हम कुछ नहीं कर सकते। संसदीय कानून मौजूद हैं।

वकील विशाल तिवारी की ओर से दायर की जनहित याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वकील विशाल तिवारी के उस जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें मौजूदा दहेज और घरेलू हिंसा कानूनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उनकी समीक्षा और सुधार के लिए एक विशेषज्ञ समिति की नियुक्ति की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि समाज को बदलना होगा और वह कुछ नहीं कर सकते हैं।

कानून के दुरुपयोग को रोकने की मांग की गई

याचिका में ऐसे कानूनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए दिशानिर्देश की मांग की गई है। सरकार को यह निर्देश देने की भी मांग की गई है कि वह शादी के दौरान दिए गए सामान/उपहार/धन की एक सूची हलफनामे के साथ रखे और उसका रिकॉर्ड विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र के साथ संलग्न किया जाए। दहेज निषेध अधिनियम और आईपीसी की धारा 498ए विवाहित महिलाओं को दहेज की मांग और उत्पीड़न से बचाने के लिए थे, लेकिन हमारे देश में, ये कानून अनावश्यक और “पति और पत्नी के बीच अवैध मांगों को निपटाने और किसी अन्य प्रकार का विवाद उत्पन्न होने पर पति के परिवार को दबाने के लिए हथियार बन जाते हैं।

विवाहित पुरुष के वास्तविक घटना को संदेह की दृष्टि से देखते हैं…

याचिकाकर्ता ने कहा, इन कानूनों के तहत विवाहित पुरुष के इन झूठे निहितार्थों के कारण महिलाओं के खिलाफ वास्तविक और सच्ची घटनाओं को संदेह की दृष्टि से देखा जाता है। दहेज के मामलों में पुरुषों को गलत फंसाने की कई घटनाएं और मामले सामने आए हैं, जिससे बहुत दुखद अंत हुआ और हमारी न्याय और आपराधिक जांच प्रणाली पर भी सवाल उठे। आगे कहा कि यह केवल एक अतुल सुभाष के बारे में नहीं है, बल्कि ऐसे पुरुषों की कमी है जिन्होंने अपनी पत्नियों द्वारा उन पर लगाए गए कई मामलों के कारण आत्महत्या की है। उन्होंने कहा, दहेज कानूनों के घोर दुरुपयोग ने इन कानूनों के उद्देश्य को विफल कर दिया है जिसके लिए इन्हें बनाया गया था।

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