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मुख्य नीतिगत बदलाव और नए दिशानिर्देश
1. आवेदन और संस्थागत नोड:
- इंटर्नशिप के लिए आवेदन छात्र के कॉलेज के प्राचार्य (Principal) या विभागाध्यक्ष (Head of the Institution) के माध्यम से ही भेजे जाने अनिवार्य हैं।
- जजों के तहत इंटर्नशिप के अवसरों के लिए उनकी लिखित सहमति (Consent) मिलने के बाद ही आवेदन संसाधित किए जाएंगे।
- हाईकोर्ट द्वारा एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल/मॉड्यूल विकसित किया जा रहा है, तब तक प्रक्रिया ऑनलाइन तरीके से संभाली जाएगी।
2. जनसंपर्क अधिकारी (PRO) की भूमिका:
- उच्च न्यायालय के जनसंपर्क अधिकारी (Public Relations Officer – PRO) इंटर्नशिप कार्यक्रम की देखरेख करेंगे, जिसमें आवेदनों को प्रोसेस करना और इंटर्न्स के दैनिक उपस्थिति रिकॉर्ड का रखरखाव शामिल है।
- इंटर्नशिप प्रमाण पत्र (Certificate) केवल उन्हीं दिनों की वास्तविक उपस्थिति के आधार पर जारी किया जाएगा, जिन दिनों छात्र शारीरिक रूप से कोर्ट में उपस्थित रहे हों।
3. कोर्ट रूम आचरण और गोपनीयता पर सख्त पाबंदी:
- कोर्ट रूम के भीतर मोबाइल फोन, कैमरा या किसी भी प्रकार के रिकॉर्डिंग उपकरणों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- कार्यवाही की किसी भी प्रकार की रिकॉर्डिंग करना या अदालत की सुरक्षा से समझौता करने वाली सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा करना इंटर्नशिप को तुरंत समाप्त (Immediate Termination) करने का आधार बनेगा।
- इंटर्न्स को गोपनीयता बनाए रखनी होगी और अदालती कार्यवाही में किसी भी प्रकार की बाधा डालने से बचना होगा।
कोच्चि: न्यायालयीन अनुशासन, विधि छात्रों के व्यावहारिक प्रशिक्षण के विधिक मानक, अदालत की सुरक्षा और कार्यवाही की गोपनीयता (Confidentiality of Court Proceedings), तथा उच्च न्यायालयों में इंटर्नशिप के विनियमन हेतु केरल हाईकोर्ट ने अपनी संशोधित इंटर्नशिप नीति-2026 (Internship Policy for the High Court of Kerala-2026 (Amended)) को औपचारिक रूप से अधिसूचित किया है।
17 अक्टूबर 2026 को अधिसूचित इस नीति के तहत उच्च न्यायालय, न्यायाधीशों के चेम्बर्स, महाधिवक्ता (Advocate General), अभियोजन महानिदेशक (DGP), विधिक सेवा प्राधिकरण (KeLSA) और मध्यस्थता केंद्रों में इंटर्नशिप करने वाले छात्रों के लिए पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया, दैनिक उपस्थिति और कोर्ट रूम आचरण से जुड़े कड़े नियम लागू किए गए हैं।
संशोधित नीति के क्लॉज 6(a) के तहत अब केवल अपने लॉ कोर्स के अंतिम दो वर्षों में अध्ययनरत छात्र ही केरल उच्च न्यायालय में इंटर्नशिप के पात्र होंगे (अर्थात 5-वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम के चौथे व पांचवें वर्ष के छात्र, या 3-वर्षीय एलएलबी के दूसरे व तीसरे वर्ष के छात्र)। हालांकि, पीठ के न्यायाधीशों को अपने व्यक्तिगत विशेषाधिकार (Judicial Discretion) के आधार पर किसी भी छात्र को इंटर्न रखने की छूट पूर्ववत रहेगी।
संशोधित नीति के मुख्य प्रावधान एवं नियम
1. पात्रता मानदंड (क्लॉज 6a)
- अंतिम दो वर्ष का नियम: केवल विधि पाठ्यक्रम के अंतिम दो वर्षों में अध्ययनरत छात्र ही उच्च न्यायालय परिसर में इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकेंगे।
- न्यायाधीशों का विशेषाधिकार: यह 2-वर्षीय प्रतिबंध उन मामलों पर लागू नहीं होगा जहां उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश ने अपने व्यक्तिगत स्वविवेक से किसी छात्र को इंटर्नशिप की अनुमति दी हो।
- न्यायाधीशों के अधीन इंटर्नशिप: जजों के अधीन अवसर चाहने वाले छात्रों के आवेदन तभी आगे बढ़ाए जाएंगे जब संबंधित न्यायाधीश की लिखित पूर्व सहमति (Prior Consent) प्राप्त हो चुकी हो।
2. व्यापक विधिक कवरेज (दायरा)
यह नीति केवल न्यायाधीशों के अधीन काम करने वाले छात्रों पर ही नहीं, बल्कि परिसर के सभी प्रमुख विधिक अंगों में इंटर्नशिप करने वालों पर समान रूप से लागू होगी:
- उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं अदालत के विभिन्न प्रशासनिक अनुभाग।
- महाधिवक्ता कार्यालय (Office of Advocate General)।
- अपर सॉलिसिटर जनरल (ASG) एवं उप सॉलिसिटर जनरल (DSG) के कार्यालय।
- अभियोजन महानिदेशक (Director General of Prosecution) का कार्यालय।
- केरल राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (KeLSA) एवं उच्च न्यायालय मध्यस्थता केंद्र (Mediation Centre)।
- केरल बार काउंसिल एवं परिसर में वकालत करने वाले अन्य वरिष्ठ व कनिष्ठ अधिवक्ता।
3. आवेदन प्रक्रिया और डिजिटल मॉड्यूल
- ऑनलाइन मॉड्यूल: छात्रों को अपने आवेदन उच्च न्यायालय द्वारा विकसित किए जा रहे एक समर्पित ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से जमा करने होंगे।
- अंतरिम व्यवस्था: जब तक यह नया मॉड्यूल पूरी तरह सक्रिय नहीं हो जाता, तब तक आवेदन और संबंधित प्रक्रियाएं मौजूदा ऑनलाइन चैनलों के जरिए ही संचालित की जाएंगी।
- संस्थान प्रमुख का अग्रसारण: आवेदन छात्र के लॉ कॉलेज/विश्वविद्यालय के प्राचार्य (Principal) या विभागाध्यक्ष (Head of Institution) के माध्यम से विधिवत अग्रेषित (Forwarded) होने अनिवार्य हैं।
- नोडल अधिकारी: उच्च न्यायालय के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) पूरी इंटर्नशिप योजना की निगरानी, आवेदनों के सत्यापन और उपस्थिति रिकॉर्ड के रखरखाव के लिए जिम्मेदार होंगे।
4. कोर्ट रूम सुरक्षा, मोबाइल प्रतिबंध और तत्काल निष्कासन
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध: कोर्ट रूम के भीतर मोबाइल फोन, कैमरा या किसी भी प्रकार के ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग उपकरण के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- सोशल मीडिया पर रोक: अदालत की कार्यवाही को किसी भी रूप में रिकॉर्ड करना, तस्वीरें लेना या अदालत की सुरक्षा/गरिमा को प्रभावित करने वाली कोई भी सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित करना गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना जाएगा। ऐसा पाए जाने पर छात्र की इंटर्नशिप को तत्काल प्रभाव से समाप्त (Immediate Termination) कर दिया जाएगा।
- गोपनीयता और मर्यादा: इंटर्न को अदालती दस्तावेजों की पूर्ण गोपनीयता बनाए रखनी होगी और कार्यवाही में किसी भी प्रकार का व्यवधान डालने से बचना होगा।
5. उपस्थिति और प्रमाण पत्र जारी करने की शर्त
- इंटर्न को प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
- इंटर्नशिप प्रमाण पत्र (Certificate of Internship) जारी करने के लिए केवल उन्हीं दिनों की गणना की जाएगी जिनमें छात्र अदालत में भौतिक रूप से उपस्थित (Physically Present) रहे हों।
तथ्यात्मक संरचना: नई नीति के प्रमुख बिंदु
| पैरामीटर | संशोधित नीति-2026 के प्रावधान |
|---|---|
| नीति का नाम | ‘इंटरर्नशिप पॉलिसी फॉर द हाई कोर्ट ऑफ केरला-2026 (अमेंडेड)’ |
| अधिसूचना तिथि | 17 अक्टूबर 2026 |
| पात्रता सीमा | केवल विधि पाठ्यक्रम के अंतिम दो वर्षों के छात्र (जजों की व्यक्तिगत अनुमति पर अपवाद लागू)। |
| आवेदन माध्यम | कॉलेज प्रमुख द्वारा अग्रेषित ऑनलाइन आवेदन; हाईकोर्ट का विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल। |
| निगरानी प्राधिकारी | उच्च न्यायालय के जनसंपर्क अधिकारी (Public Relations Officer – PRO)। |
| सुरक्षा व अनुशासन | कोर्ट रूम में मोबाइल/कैमरा प्रतिबंधित; रिकॉर्डिंग या सोशल मीडिया लीक पर तुरंत निष्कासन। |
| सर्टिफिकेट नियम | केवल भौतिक उपस्थिति (Physical Presence) वाले दिनों की गणना के आधार पर प्रमाण पत्र। |
विधिक एवं प्रशासनिक विश्लेषण: न्यायालयीन मर्यादा और व्यावहारिक प्रशिक्षण का संतुलन
- अंतिम दो वर्षों के छात्रों को ही अवसर देने का तर्क:
- विधि शिक्षा में प्रारंभिक वर्षों के छात्रों को प्रक्रियात्मक कानूनों (CrPC, CPC, साक्ष्य कानून, संवैधानिक व्याख्या) का सीमित ज्ञान होता है। अंतिम दो वर्षों के छात्र इन संहिताओं का अध्ययन कर चुके होते हैं, जिससे वे हाईकोर्ट की जटिल कानूनी बहसों और अनुसंधानों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।
- इससे उच्च न्यायालय परिसर में भीड़भाड़ को नियंत्रित करने और गंभीर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी।
- सोशल मीडिया और रिकॉर्डिंग पर कड़े प्रतिबंध का कारण:
- हाल के वर्षों में कोर्ट रूम के भीतर से वकीलों, जजों या पक्षों की बिना अनुमति रिकॉर्डिंग कर उसे सोशल मीडिया पर ‘रील्स’ या ‘क्लिप्स’ बनाकर सनसनी फैलाने के मामलों ने न्यायिक सुरक्षा को खतरे में डाला है।
- केरल हाईकोर्ट द्वारा किसी भी रिकॉर्डिंग पर इंटर्नशिप रद्द करने का कड़ा नियम अदालती कार्यप्रणाली की गरिमा, गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया एक आवश्यक प्रशासनिक कदम है।
विधिक विवरण
- प्राधिकरण: केरल उच्च न्यायालय (प्रशासनिक प्रभाग)
- अधिसूचना: इंटरर्नशिप पॉलिसी फॉर द हाई कोर्ट ऑफ केरला-2026 (अमेंडेड)
- अधिसूचना तिथि: 17 अक्टूबर 2026
- संबद्ध विषय: हाईकोर्ट इंटर्नशिप पात्रता, केवल अंतिम दो वर्ष के एलएलबी छात्र, ऑनलाइन मॉड्यूल आवेदन, कोर्ट रूम आचरण एवं रिकॉर्डिंग निषेध
- संबद्ध प्रशासनिक सिद्धांत:
- न्यायिक मर्यादा और संस्थागत सुरक्षा का संरक्षण: ‘उच्च न्यायालय में इंटर्नशिप एक विशेषाधिकार है न कि अंतर्निहित विधिक अधिकार; विधिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने हेतु केवल अंतिम दो वर्षों के पात्र छात्रों को अनुमति दी जाएगी; कोर्ट रूम के भीतर मोबाइल रिकॉर्डिंग या अनधिकृत प्रसार न्यायिक सुरक्षा का घोर उल्लंघन है जिसके लिए तत्काल निष्कासन का दंडात्मक प्रावधान वैध व आवश्यक है।’
Advocate Internship:मामले का संक्षिप्त विवरण (At A Glance)
| विवरण | जानकारी |
| संबंधित संस्थान | केरल उच्च न्यायालय (Kerala High Court) |
| अधिसूचित नीति | ‘इंटर्नशिप नीति 2026 (संशोधित)’ — 17 अक्टूबर 2026 |
| पात्रता मापदंड | केवल लॉ कोर्स के अंतिम 2 वर्षों (Last Two Years) के छात्र। |
| छूट | उच्च न्यायालय के जजों के व्यक्तिगत विवेक से मिलने वाली इंटर्नशिप पर यह नियम लागू नहीं होगा। |
| लागू होने का दायरा | जजों, एडवोकेट जनरल, एएसजी, डीजीपी, लीगल सर्विसेज अथॉरिटी, मीडिएशन सेंटर, बार काउंसिल और प्रैक्टिसिंग वकीलों के तहत इंटर्नशिप करने वाले सभी छात्रों पर। |
| आवेदन प्रक्रिया | संस्थान के प्राचार्य/प्रमुख के माध्यम से ऑनलाइन मॉड्यूल द्वारा आवेदन। |

