Asaram’s son: इंदौर फैमिली कोर्ट ने आसाराम के बेटे और दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे नारायण साई की पत्नी जानकी हरपालानी की तलाक याचिका मंजूर करते हुए डिवोर्स डिक्री जारी कर दी है।
जानकी हरपालानी ने 2018 में फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी
साथ ही कोर्ट ने साई को 3 महीने के भीतर पत्नी को 2 करोड़ रुपए स्थायी (एकमुश्त) गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है। जानकी हरपालानी ने 2018 में फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। उन्होंने पति पर मानसिक प्रताड़ना समेत अन्य आरोप लगाए थे और 5 करोड़ रुपए की एकमुश्त गुजारा भत्ता राशि की मांग की थी।
नारायण साई और जानकी की शादी 2008 में हुई थी
सुनवाई के दौरान नारायण साई ने आरोपों से इनकार किया, लेकिन याचिकाकर्ता की ओर से पेश दस्तावेजी सबूतों को कोर्ट ने स्वीकार किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने 2 अप्रैल को 18 साल पुराने विवाह को कानूनी रूप से समाप्त करने का अंतिम आदेश (डिवोर्स डिक्री) पारित किया। इससे पहले 2018 में कोर्ट ने अंतरिम तौर पर साई को हर महीने 50 हजार रुपए गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया था, लेकिन वकील के मुताबिक पिछले 8 वर्षों में यह राशि नहीं दी गई। नारायण साई और जानकी की शादी 2008 में हुई थी और उनकी कोई संतान नहीं है। फिलहाल नारायण साई गुजरात के सूरत जिले की जेल में बंद है, जहां वह दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।

