Saturday, July 25, 2026
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Black Magic Ruling: सफेद सरसों छिड़कना काला जादू नहीं…कहा- बिना मंशा के अंधविश्वास विरोधी कानून लागू नहीं होता, विस्तार से समझें

Black Magic Ruling: बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने महाराष्ट्र के अंधविश्वास विरोधी कानून (Anti-Black Magic Law) से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

हाईकोर्ट के जस्टिस एस. जी. चपलगांवकर की बेंच ने 65 वर्षीय बुजुर्ग के खिलाफ दर्ज FIR और कानूनी कार्यवाही को रद्द करते हुए ‘अंधविश्वास विरोधी कानून’ की सीमाओं को रेखांकित किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस मंशा या सबूत के किसी के घर के बाहर ‘सफेद सरसों’ (White Mustard) छिड़कना कोई अपराध नहीं है।

मामला क्या था? (The Allegation of Mustard Seeds)

  • शिकायत: शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सुबह-सवेरे उसके घर के बाहर सफेद सरसों के दाने बिखरे मिले।
  • सबूत: सीसीटीवी फुटेज में एक मोटरसाइकिल सवार को गुजरते देखा गया। गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर आवेदक (बुजुर्ग) को आरोपी बनाया गया।
  • धाराएं: महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई और अघोरी प्रथाओं और काला जादू निवारण और उन्मूलन अधिनियम, 2013 की धारा 3(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।

हाई कोर्ट का कानूनी और तकनीकी विश्लेषण

अदालत ने इस मामले को दो मुख्य पहलुओं पहचान और कानूनी परिभाषा के आधार पर परखा।

A. पहचान का अभाव (Lack of Identification)

  • सीसीटीवी की विफलता: कोर्ट ने पाया कि फुटेज में सवार ने हेलमेट पहना था, जिससे उसकी पहचान करना असंभव था। केवल वाहन का मालिक होना यह साबित नहीं करता कि वह व्यक्ति ही वहां मौजूद था।
  • जांच में कमी: उस पड़ोसी का बयान दर्ज नहीं किया गया जिसके पास सीसीटीवी फुटेज था।

B. काला जादू कानून की परिभाषा (Legal Definition)

  • अदालत ने स्पष्ट किया कि 2013 का अधिनियम हर छोटी बात पर लागू नहीं होता।
  • शर्तें: धारा 3(2) केवल तब लागू होती है जब कोई कार्य मानव बलि, काले जादू की प्रथाओं, या अलौकिक शक्तियों के दावे के माध्यम से किसी को धोखा देने, शोषण करने या डराने की मंशा से किया गया हो।
  • अदालत का तर्क: “बिना किसी मंशा या उद्देश्य को स्पष्ट किए, केवल सफेद सरसों छिड़कने के आरोप को अपराध के दायरे में नहीं लाया जा सकता।” यह कृत्य कानून की अनुसूची (Schedule) में दी गई किसी भी प्रतिबंधित श्रेणी में नहीं आता।

निजी रंजिश का पहलू (Personal Grievances)

  • कोर्ट ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण तथ्य पर गौर किया।
  • पारिवारिक विवाद: आवेदक के परिवार का एक वैवाहिक विवाद चल रहा था।
  • संयोग: जैसे ही वह विवाद सुलझा, यह FIR दर्ज करा दी गई। कोर्ट ने इसे ‘निजी रंजिश’ और मामले को जबरन खींचने की संभावना माना।

केस के मुख्य बिंदु (Key Highlights)

बिंदुविवरण
अधिनियममहाराष्ट्र काला जादू विरोधी अधिनियम, 2013।
आरोपघर के बाहर सफेद सरसों छिड़कना।
हाई कोर्ट का फैसलाFIR और ट्रायल की कार्यवाही रद्द (Quashed)।
कानूनी आधार‘भजन लाल’ मामले के सिद्धांत— जहाँ आरोप पहली नज़र में अपराध न दर्शाएं।

कानून का दुरुपयोग नहीं

हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि अंधविश्वास विरोधी कानूनों का उद्देश्य समाज को अमानवीय प्रथाओं से बचाना है, न कि इसे निजी दुश्मनी निकालने का हथियार बनाना। कोर्ट ने अपनी अंतर्निहित शक्तियों (Inherent Powers – Section 482 CrPC) का उपयोग करते हुए यह फैसला सुनाया ताकि न्याय की प्रक्रिया का दुरुपयोग न हो।

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