Saturday, June 20, 2026
HomeScam NoseCAG Rail: असुरक्षित कोचों से चलाई जा रही ट्रेनें….पढ़िए कैग की दक्षिण...

CAG Rail: असुरक्षित कोचों से चलाई जा रही ट्रेनें….पढ़िए कैग की दक्षिण रेलवे के एनएमआर सेक्शन की रिपोर्ट

CAG Rail: दक्षिण रेलवे ने नीलगिरी माउंटेन रेलवे (एनएमआर) सेक्शन में जुलाई 2023 से जो स्पेशल ट्रेनें शुरू कीं, उनमें यात्रियों की सुरक्षा से समझौता किया गया।

मंत्रालय की ओर से कोई जवाब नहीं मिला

यह खुलासा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में हुआ है, जो सोमवार को संसद में पेश की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे ने बिना मंत्रालय की मंजूरी के तकनीकी रूप से कमजोर कोचों का निर्माण कर उन्हें चलाना शुरू कर दिया। कैग ने अपनी सिफारिश में कहा है कि रेलवे मंत्रालय को अनुसंधान, डिजाइन और मानक संगठन (आरडीएसओ) के साथ मिलकर प्रोटोटाइप कोचों के विकास की एक मजबूत प्रणाली बनानी चाहिए। सफल ट्रायल के बाद ही नियमित उत्पादन शुरू किया जाए, ताकि कमजोर और अनुपयोगी कोच न बनें। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इस मुद्दे पर मंत्रालय की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

27.91 करोड़ की लागत से बने कोच, फिर भी उपयोग नहीं हो सके

रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण रेलवे ने 100 साल पुराने 28 कोचों को बदलने के लिए मई 2015 में रेलवे मंत्रालय से संपर्क किया था। इसके बाद जुलाई 2015 में मंत्रालय ने इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) को आरडीएसओ की सलाह से एनएमआर के लिए प्रोटोटाइप कोच बनाने को कहा। आईसीएफ ने पहले 15 कोच बनाए और अप्रैल 2019 में चार कोचों का ट्रायल किया गया, लेकिन यह ट्रायल ढलान वाले सेक्शन पर नहीं हुआ।

नए कोचों का वजन करीब 5 टन ज्यादा है

मार्च 2020 में दक्षिण रेलवे ने पाया कि नए कोचों का वजन करीब 5 टन ज्यादा है। उन्होंने आईसीएफ से बाकी 13 कोचों का वजन कम करने को कहा, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बावजूद आईसीएफ ने तीन चरणों में बाकी 13 कोच भी बना दिए। कुल 28 कोच 27.91 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए, लेकिन इनका डिजाइन और निर्माण आरडीएसओ की सलाह के बिना किया गया।

ढलान पर ट्रायल में फिसले पहिए, फिर भी शुरू कर दी सेवा

रिपोर्ट में बताया गया कि छह कोचों में बदलाव किए गए, लेकिन ढलान वाले सेक्शन में ट्रायल के दौरान इंजन के पहिए फिसले, जबकि मौसम साफ और सूखा था। इसके बावजूद 15 जुलाई 2023 से दक्षिण रेलवे ने मेट्टुपालयम और उदगमंडलम के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनें शुरू कर दीं। मई 2024 तक 28 में से 15 कोच इन ट्रेनों में इस्तेमाल हो रहे हैं, जबकि रेलवे बोर्ड से इसकी कोई मंजूरी नहीं ली गई।

आरडीएसओ की सलाह के बिना लिया गया फैसला

कैग ने कहा कि जुलाई 2015 में मंत्रालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद आरडीएसओ से सलाह लिए बिना कोचों का डिजाइन फाइनल किया गया और निर्माण शुरू कर दिया गया। कोचों का वजन और इंजन की खींचने की क्षमता जैसे अहम मुद्दों को नजरअंदाज कर जल्दबाजी में फैसला लिया गया, जिससे ये कोच तीन साल बाद भी पूरी तरह उपयोग में नहीं आ सके।

दक्षिण रेलवे का जवाब अस्वीकार्य: कैग

दक्षिण रेलवे ने जवाब में कहा कि ट्रायल में पाई गई कमियों की जानकारी आईसीएफ को दी गई थी और फिलहाल 18 कोच वीकेंड और जॉय राइड स्पेशल ट्रेनों में इस्तेमाल हो रहे हैं। लेकिन कैग ने इस जवाब को अस्वीकार्य बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि दक्षिण रेलवे ने यह नहीं बताया कि आरडीएसओ की सलाह के बिना 28 कोच क्यों बनाए गए और प्रोटोटाइप का सफल ट्रायल क्यों नहीं कराया गया। कैग की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दक्षिण रेलवे ने बिना रेलवे बोर्ड की मंजूरी के इन कमजोर कोचों को चलाना शुरू कर दिया, जो यात्रियों की सुरक्षा के साथ गंभीर समझौता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
few clouds
44.5 ° C
44.5 °
44.5 °
18 %
4.9kmh
14 %
Sat
45 °
Sun
45 °
Mon
44 °
Tue
45 °
Wed
43 °

Recent Comments