Friday, October 2, 2026
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SP PARTY OFFICE: 115 रुपए किराए पर दफ्तर काे सपा ने कब्जाया…सुप्रीम कोर्ट ने दे डाली नसीहत

SP PARTY OFFICE: सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी (सपा) को उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में महज 115 रुपए किराए पर नगर पालिका की संपत्ति पर कब्जा करने पर फटकारा है।

बेदखली आदेश पर रोक लगाने की याचिका दायर

शीर्ष कोर्ट ने इसे राजनीतिक ताकत का साफ दुरुपयोग बताया। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने कहा कि यह फर्जी आवंटन का मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक और बाहुबल के जरिए जबरन कब्जे का मामला है। सपा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने दलील दी कि पार्टी ने किराया चुकाया है, फिर भी नगर पालिका जबरन बेदखली कर रही है। उन्होंने बताया कि बेदखली आदेश पर रोक लगाने के लिए दीवानी अदालत में याचिका दायर की गई है।

कोर्ट ने कहा- 115 रुपए में नगर पालिका क्षेत्र में दफ्तर?

बेंच ने कहा, “आप एक राजनीतिक पार्टी हैं। आपने आधिकारिक पद और राजनीतिक ताकत का दुरुपयोग कर जगह पर कब्जा किया। जब कार्रवाई होती है, तब सब याद आता है। क्या आपने कभी सुना है कि नगर पालिका क्षेत्र में 115 रुपए किराए पर दफ्तर मिलता है? यह ताकत के दुरुपयोग का साफ मामला है।”

कोर्ट ने छह हफ्ते की राहत देने से इनकार किया

जब दवे ने छह हफ्ते की बेदखली से सुरक्षा मांगी, तो कोर्ट ने कहा, “इस वक्त आप अनधिकृत कब्जेदार हैं। यह फर्जी आवंटन नहीं, बल्कि फर्जी कब्जा है।”

सपा ने पक्षपात का आरोप लगाया

दवे ने कहा कि प्रशासन सिर्फ सपा को निशाना बना रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा, “अगर आपको लगता है कि ऐसे और भी फर्जी आवंटन या कब्जे हैं, तो हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करें। हम इसका स्वागत करेंगे।”

सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार किया

कोर्ट ने सिविल कोर्ट में लंबित याचिका पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन कहा कि इसे जल्द निपटाया जाए। सपा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2 जुलाई के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था।

पहले भी खारिज हो चुकी है याचिका

16 जून को सुप्रीम कोर्ट ने सपा के पीलीभीत जिला अध्यक्ष की ओर से दायर एक और याचिका खारिज कर दी थी। इसमें हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें नए सिरे से याचिका दायर करने पर रोक लगाई गई थी।

998 दिन की देरी पर भी जताई नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि दिसंबर 2020 के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील में 998 दिन की देरी हुई है। यह अपील आनंद सिंह यादव नाम के व्यक्ति ने दायर की थी, जो खुद को सपा का जिला अध्यक्ष बताते हैं।

सपा का दावा- बिना सुनवाई के बेदखली का आदेश

सपा ने दावा किया कि नगर पालिका ने 12 नवंबर 2020 को बिना पक्ष सुने ही दफ्तर खाली करने का आदेश दे दिया था। कोर्ट ने कहा कि पार्टी चाहे तो नगर निकाय के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकती है।

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