Dhaula Kuan Incident: धौलाकुआं के पास पिछले साल सितंबर में हुए बीएमडब्ल्यू हादसे में दिल्ली पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।
400 पन्नों की चार्जशीट दाखिल
कोर्ट में दाखिल 400 पन्नों की चार्जशीट में पुलिस ने बताया कि हादसे का शिकार हुए वित्त मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी नवजोत सिंह (52) को बचाया जा सकता था। वे एक्सीडेंट के बाद कम से कम 15 मिनट तक जिंदा थे, लेकिन आरोपी ने उन्हें समय पर सही इलाज नहीं मिलने दिया।
क्या है मामला?
वित्त मंत्रालय (आर्थिक मामलों के विभाग) में तैनात नवजोत सिंह अपनी पत्नी के साथ बाइक पर जा रहे थे, तभी रिंग रोड पर तेज रफ्तार BMW ने उन्हें टक्कर मार दी थी। इस हादसे में नवजोत की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी समेत तीन लोग घायल हुए थे। आरोपी गगनप्रीत मक्कड़ फिलहाल जांच के घेरे में है और पुलिस रिकॉर्ड्स में हेराफेरी के एंगल से भी जांच कर रही है।
‘गोल्डन ऑवर’ की बर्बादी: पास में AIIMS था, पर 20KM दूर ले गए
- चार्जशीट के मुताबिक, आरोपी गगनप्रीत मक्कड़ ने जानबूझकर पीड़ित को नजदीकी अस्पतालों (जैसे दिल्ली कैंट अस्पताल या एम्स ट्रॉमा सेंटर) ले जाने के बजाय 20 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर के ‘न्यूलाइफ’ अस्पताल ले गई।
- दूरी का खेल: हादसे वाली जगह से बड़े अस्पताल महज 10 मिनट की दूरी पर थे, लेकिन आरोपी ने पीड़ित को छोटे नर्सिंग होम ले जाने में 23 मिनट बर्बाद किए।
- अस्पताल से कनेक्शन: पुलिस जांच में सामने आया है कि इस नर्सिंग होम के मालिकों से आरोपी के पारिवारिक संबंध हैं। पुलिस को शक है कि वहां मेडिकल रिकॉर्ड्स के साथ छेड़छाड़ भी की गई होगी।
50 की लिमिट, 110 की स्पीड: एम्बुलेंस को भी लौटाया
- पुलिस ने बताया कि एक्सीडेंट 14 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ था।
- रफ्तार का कहर: सड़क पर 50 किमी/घंटा की लिमिट थी, लेकिन बीएमडब्ल्यू X5 करीब 100-110 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी। रफ्तार इतनी तेज थी कि मेट्रो पिलर से टकराकर गाड़ी पलट गई और नवजोत सिंह की बाइक को कुचल दिया।
- मदद से इनकार: हादसे के कुछ ही मिनटों बाद वहां एम्बुलेंस और पैरामेडिक्स पहुंच गए थे, लेकिन आरोपी ने उनकी मदद लेने से साफ इनकार कर दिया।
- खुद का फर्जी ड्रामा: आरोपी खुद को बचाने के लिए मामूली चोट होने के बावजूद आईसीयू (ICU) में भर्ती हो गई ताकि पुलिस जांच से बच सके।

