
Fake law degree case: दिल्ली की एक अदालत ने फर्जी कानून की डिग्री पर वकालत कर रहे व्यक्ति की अग्रिम जमानत खारिज कर दी।
आरोपी से पुलिस पूछताछ जरूरी: कोर्ट
अदालत ने उस व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail) खारिज कर दी है, जिस पर फर्जी कानून की डिग्री और मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर ‘बार काउंसिल ऑफ दिल्ली’ (BCD) में वकील के रूप में नामांकन (Enrolment) कराने का आरोप है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शुनाली गुप्ता ने जे. वनसंतन (J Vansanthan) की याचिका पर सुनवाई करते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी के खिलाफ आरोप गंभीर हैं और इस बड़े सिंडिकेट का पता लगाने के लिए उससे हिरासत में पूछताछ (Custodial Interrogation) की आवश्यकता हो सकती है।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी: ‘यह एक सिंडिकेट है’
न्यायाधीश ने 15 दिसंबर के अपने आदेश में कहा, “तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए यह नोट किया गया है कि गंभीर आरोप न केवल इस आवेदक पर हैं, बल्कि जांच में नामजद उन अन्य लोगों पर भी हैं जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बार काउंसिल में नामांकन की सुविधा देने वाला एक सिंडिकेट चलाते हैं।” अदालत ने आगे कहा कि इस साजिश के पीछे के अन्य सदस्यों तक पहुँचने के लिए आरोपी की हिरासत में पूछताछ जरूरी है, इसलिए इस स्तर पर जमानत का कोई आधार नहीं बनता।
क्या है पूरा मामला?
- धोखाधड़ी : आरोपी वनसंतन पर फर्जी एलएलबी डिग्री और मार्कशीट जमा करके दिल्ली बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराने का आरोप है। वेरिफिकेशन के दौरान दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था।
- आरोपी का बचाव: वनसंतन ने कोर्ट में दावा किया कि उसने ‘भारतीय शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश’ से कानून की पढ़ाई पूरी की थी और बिचौलियों के माध्यम से नामांकन कराया था।
- ₹95,000 की रिश्वत: उसने बताया कि उसने दो व्यक्तियों को कैश में ₹95,000 दिए थे। उसका दावा है कि उसे नहीं पता था कि उसके नाम पर ‘बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी’ के फर्जी दस्तावेज जमा किए गए हैं।
- डिग्री की वैधता: कोर्ट ने नोट किया कि आरोपी ने बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई नहीं की है और जिस ‘भारतीय शिक्षा परिषद’ से उसने पढ़ाई का दावा किया है, उसे शिक्षा विभाग द्वारा कानून की डिग्री देने के लिए मान्यता प्राप्त नहीं है।
- FIR की जानकारी: इस मामले में 8 अक्टूबर, 2025 को दिल्ली के हौज खास थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।






