Wednesday, November 4, 2026
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CJI-SHOE HURL: CJI पर ‘जूता कांड’ के बाद सुप्रीम कोर्ट सख्त… मीडिया के लिए भी बनेगा SOP

CJI-SHOE HURL: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई की ओर कोर्ट रूम में जूता फेंकने की कोशिश जैसी घटनाएं आगे नहीं हों, इसको लेकर जरूरी कदम उठाए हैं।

मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करें: सुप्रीम कोर्ट

शीर्ष कोर्ट ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) से सुझाव मांगे हैं। अदालत ने ऐसी घटनाओं की मीडिया रिपोर्टिंग के लिए भी एक ‘मानक संचालन प्रक्रिया’ (SOP) तैयार करने की आवश्यकता जताई है।

अदालत के निर्देश और मुख्य बिंदु

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (केंद्र की ओर से) और वरिष्ठ अधिवक्ता व SCBA अध्यक्ष विकास सिंह से संयुक्त सुझाव देने को कहा है। सुरक्षा और प्रोटोकॉल: CJI ने कहा, “सॉलिसिटर जनरल और SCBA अध्यक्ष भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों और ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग व प्रचार-प्रसार के लिए अपनाए जाने वाले प्रोटोकॉल पर संयुक्त सुझाव पेश करेंगे।”

अदालत का नरम रुख

पीठ ने 71 वर्षीय वकील राकेश किशोर के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही शुरू करने में अनिच्छा व्यक्त की, जिन्होंने तत्कालीन CJI गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की थी। कोर्ट ने कहा कि वह इस मुद्दे के समाधान के लिए व्यापक दिशा-निर्देशों पर विचार करेगा।

अटॉर्नी जनरल की मदद

जस्टिस कांत ने कहा कि वे इस संबंध में अटॉर्नी जनरल से भी सुझाव देने का अनुरोध करेंगे ताकि देश भर की अदालतों के लिए निवारक दिशा-निर्देश (Preventive Guidelines) बनाए जा सकें।

क्या था पूरा मामला?

6 अक्टूबर की घटना: सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान 71 वर्षीय वकील राकेश किशोर ने तत्कालीन CJI बी.आर. गवई की ओर जूता फेंकने का प्रयास किया था।

वकील पर कार्रवाई

इस हरकत के तुरंत बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने राकेश किशोर का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।

CJI गवई का संयम

इस अभूतपूर्व घटना के दौरान जस्टिस गवई बिल्कुल विचलित नहीं हुए। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से वकील को चेतावनी देकर छोड़ देने और घटना को “नज़रअंदाज़” करने को कहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई हस्तियों ने इस घटना की निंदा की थी। पीएम मोदी ने जस्टिस गवई से फोन पर बात भी की थी।

अगला कदम

SCBA ने आरोपी वकील के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। कोर्ट अब उन सुझावों का इंतज़ार कर रहा है जो भविष्य में अदालत परिसर और बार रूम में ऐसी घटनाओं को रोक सकें और मीडिया को ऐसी संवेदनशील घटनाओं को कवर करने का सही तरीका बता सकें।

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