Kolhapur HC Bench: लगभग 40 साल की मांग के बाद महाराष्ट्र को बॉम्बे हाईकोर्ट का पांचवां बेंच मिलने जा रहा है।
गजट भी प्रकाशित
कोल्हापुर में 18 अगस्त 2025 से सर्किट बेंच की शुरुआत होगी। राज्य सरकार ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “बॉम्बे हाईकोर्ट ने कोल्हापुर में न्यायिक व्यवस्था (सर्किट बेंच) शुरू करने का निर्णय लिया है। इसका गजट भी प्रकाशित हो गया है और यह 18 अगस्त 2025 से लागू होगा। यह बेंच कोल्हापुर, सतारा, सांगली, सोलापुर, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए होगा।
यह व्यवस्था 18 अगस्त 2025 से प्रभावी
मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे के जारी गजट नोटिफिकेशन में कहा, बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश, महाराष्ट्र के राज्यपाल की मंजूरी से कोल्हापुर को वह स्थान नियुक्त करता हूं, जहां हाईकोर्ट के जज और डिवीजन कोर्ट बैठ सकते हैं। यह व्यवस्था 18 अगस्त 2025 से प्रभावी होगी।
मुंबई जाने की परेशानी से राहत
यह सर्किट बेंच पश्चिम महाराष्ट्र के लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। अभी तक कानूनी मामलों के लिए उन्हें मुंबई जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की खपत होती थी। कोल्हापुर बेंच के शुरू होने से यह बोझ कम होगा। यह बेंच नागपुर, औरंगाबाद और गोवा के बाद राज्य का पांचवां बेंच होगा। मुंबई में हाईकोर्ट की मुख्य पीठ पहले से मौजूद है।
CJI ने भी किया था समर्थन
भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने भी कोल्हापुर बेंच की मांग का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि मुंबई जाकर मुकदमा लड़ना आम लोगों के लिए महंगा और असुविधाजनक है। इसलिए कोल्हापुर में बेंच जरूरी है।
पुरानी इमारत को बनाया जा रहा तैयार
वकील डॉ. संतोष शाह, जो इस मांग को वर्षों से उठा रहे थे, ने बताया कि कोल्हापुर की पुरानी जिला अदालत की इमारत को नए बेंच के लिए तैयार किया जा रहा है। यह इमारत नए न्यायिक परिसर बनने के बाद से खाली पड़ी थी।
कोल्हापुर का न्यायिक इतिहास
कोल्हापुर का राज्य के न्यायिक नक्शे में ऐतिहासिक महत्व है। 1844 में यहां की रियासत ने अपनी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की स्थापना की थी। 150 साल पुरानी जिला अदालत की इमारत आज भी इस विरासत की गवाह है। 2016 में यहां नया न्यायिक परिसर ‘न्यायसंकुल’ शुरू किया गया था।

