Land Acquisition: महाराष्ट्र में नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) से जुड़े विवादों को सुलझाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।
महाराष्ट्र सरकार ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के प्रोजेक्ट्स में फंसे 28,000 से अधिक लंबित दावों को तेजी से निपटाने के लिए 57 विशेष ट्रिब्यूनल नियुक्त किए हैं। इससे न केवल किसानों को समय पर बढ़ा हुआ मुआवजा मिलेगा, बल्कि सड़कों का निर्माण कार्य भी रफ्तार पकड़ेगा। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार (28 मार्च) को घोषणा की कि राज्य में 57 नए ट्रिब्यूनल (न्यायाधिकरण) नियुक्त किए गए हैं। 28,000 मामलों का निपटारा होने से हजारों किसान परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी और महाराष्ट्र में इंफ्रास्ट्रक्चर का जाल बिछाने में आने वाली कानूनी अड़चनें दूर होंगी।
क्यों पड़ी इन ट्रिब्यूनल्स की जरूरत? (The Problem)
- मुआवजे में देरी: जमीन अधिग्रहण के बाद किसान अक्सर ‘बढ़े हुए मुआवजे’ (Enhanced Compensation) की मांग करते हैं, जिसके हजारों मामले सालों से लंबित हैं।
- प्रोजेक्ट्स में रुकावट: कानूनी विवादों के कारण कई महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स की गति धीमी हो गई थी। कुछ मामले तो 3 साल से भी ज्यादा समय से अटके हुए हैं।
ट्रिब्यूनल का ढांचा और कार्यप्रणाली (The Structure)
- अधिकारी: इन 57 ट्रिब्यूनल्स में एडिशनल कमिश्नर और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) रैंक के अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
- क्षेत्र: ये अधिकारी कोंकण, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, अमरावती और नागपुर डिवीजनों में कार्य करेंगे।
- प्रशासनिक दक्षता: प्रशासनिक सुगमता के लिए एक ही ‘अवार्ड’ (Award) से संबंधित सभी दावों को एक ही ट्रिब्यूनल को सौंपा जाएगा ताकि फैसलों में एकरूपता रहे।
निगरानी और फंडिंग (Monitoring & Logistics)
- राजस्व मंत्री के अनुसार, इस प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।
- मंथली रिव्यू: संभागीय आयुक्त (Divisional Commissioners) हर महीने इन ट्रिब्यूनल्स के कामकाज की समीक्षा करेंगे।
- NHAI का सहयोग: इन ट्रिब्यूनल्स के संचालन और मैनपावर (स्टाफ) का खर्च NHAI द्वारा वहन किया जाएगा।
- कलेक्टर की भूमिका: जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टरों के साथ बैठक कर लंबित मामलों को तुरंत इन ट्रिब्यूनल्स को आवंटित करें।
राजनीतिक समन्वय (Centre-State Coordination)
मंत्री बावनकुले ने बताया कि यह कदम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दिशा-निर्देशों और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ लगातार समन्वय का परिणाम है। केंद्र सरकार के साथ इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया था ताकि किसानों के हितों की रक्षा हो सके।

