Matters’ Mention: सुप्रीम कोर्ट में अब नामित सीनियर वकील किसी भी नए या अर्जेंट मामले की जल्द सुनवाई के लिए सीधे मेंशनिंग नहीं कर सकेंगे।
यह व्यवस्था 11 अगस्त से लागू होगी
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई ने कोर्ट की कार्यवाही के दौरान मौखिक रूप से यह निर्देश दिया। यह फैसला कोर्ट में अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। यह व्यवस्था 11 अगस्त से लागू होगी। अब कोई भी नया मामला—चाहे वह अर्जेंट हो या सामान्य—सिर्फ एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AoR) के जरिए ही मेंशन किया जा सकेगा। अब तक सीनियर वकील मौखिक रूप से बेंच के सामने मेंशनिंग कर लेते थे और कई बार उन्हें प्राथमिकता भी मिल जाती थी। अब यह प्रक्रिया खत्म कर दी गई है।
सिर्फ ‘सीनियर’ होने के आधार पर विशेष छूट नहीं देंगे
CJI गवई ने कहा कि अब किसी को भी सिर्फ ‘सीनियर’ होने के आधार पर विशेष छूट नहीं दी जाएगी। सभी वकीलों को तय प्रक्रिया का पालन करना होगा ताकि कोर्ट का समय सही तरीके से इस्तेमाल हो और सभी को समान अवसर मिले। कोर्ट में लगातार यह देखा गया था कि सीनियर वकीलों द्वारा बार-बार मौखिक मेंशनिंग से लिस्टिंग में अव्यवस्था और देरी हो रही थी। इससे कोर्ट की कार्यसूची प्रभावित होती थी और अन्य मामलों की सुनवाई में बाधा आती थी।
यह किसी पर रोक लगाने का फैसला नहीं…
कानूनी विशेषज्ञों ने इस बदलाव को न्यायिक प्रक्रिया को समान और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम बताया है। उनका मानना है कि इससे कोर्ट की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और सभी वकीलों को बराबरी का मौका मिलेगा। एक सूत्र ने बताया, “यह किसी पर रोक लगाने का फैसला नहीं है, बल्कि कोर्ट के समय का बेहतर उपयोग और निष्पक्ष लिस्टिंग सुनिश्चित करने की कोशिश है।”
महत्वपूर्ण बिंदु:
- 11 अगस्त से सीनियर वकील नए मामलों की मेंशनिंग नहीं कर सकेंगे।
- सभी अर्जेंट मामलों की मेंशनिंग अब सिर्फ एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड के जरिए होगी।
- सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री जल्द ही इस पर औपचारिक सर्कुलर जारी करेगी।
- कुछ वकीलों ने इस फैसले का स्वागत किया, जबकि कुछ ने AoR पर बढ़ते दबाव और अर्जेंट मामलों में देरी को लेकर चिंता जताई है।

