Monday, August 10, 2026
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Punjab Drug Menace: मां ने अपने पांचों बेटों को नशे की लत के कारण खो दिया….दिल दहला देने वाली घटना सुन क्यों हो गए सीजेआई भावुक, जान लेंं

Punjab Drug Menace: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में बढ़ती नशीली दवाओं (Drugs) की समस्या पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे एक “भयावह” स्थिति बताया है।

मामले का सारांश (Quick Highlights)

विवरणतथ्य
कोर्ट की टिप्पणीपंजाब में नशा अब “इंसानी त्रासदी” बन चुका है।
मुख्य निर्देशप्रभावशाली तस्करों (Bigger Sharks) को गिरफ्तार करें।
नशे का केंद्रलुधियाना को व्यापार का मुख्य केंद्र बताया गया।
समाधानविशेष NDPS अदालतों का गठन और केंद्र-राज्य सहयोग।
न्यायाधीशCJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची।

अखबारों में प्रचार पाना काफी नहीं, बड़े शार्क को पकड़ें

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने स्पष्ट किया कि नशा उन्मूलन के लिए राज्य और केंद्र सरकार को बिना किसी राजनीतिक मतभेद के एक साथ मिलकर काम करना होगा। कोर्ट ने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि केवल छोटी मछलियों (Peddlers) को पकड़कर अखबारों में प्रचार पाना काफी नहीं है, बल्कि अब उन “बड़े शार्क” (Main Traffickers) को पकड़ने की जरूरत है जो इस अवैध व्यापार को चला रहे हैं। अदालत ने एक दिल दहला देने वाली घटना का जिक्र किया, जहाँ एक मां ने अपने पांचों बेटों को नशे की लत के कारण खो दिया।

इंसानी नुकसान अलार्मिंग है

  • मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक हालिया रिपोर्ट का हवाला सुनवाई के दौरान दिया।
  • एक मां का विलाप: “एक मां अपने पांचवें बेटे की मौत पर रो रही है। उसने अपने सभी बच्चों को नशीली दवाओं की वजह से खो दिया। पुलिस को इस संवेदनशीलता को समझने की जरूरत है।”
  • लुधियाना पर टिप्पणी: कोर्ट ने लुधियाना को इस व्यापार का “एपिसेंटर” (मुख्य केंद्र) बताया और वहां विशेष निगरानी की आवश्यकता जताई।

पुलिस की ‘पब्लिसिटी’ पर प्रहार

  • पीठ ने पंजाब पुलिस की रणनीति पर सवाल उठाया।
  • छोटी गिरफ्तारियां: पुलिस अक्सर छोटे-मोटे नशा तस्करों को गिरफ्तार करती है ताकि अखबारों में उनकी वाहवाही हो सके।
  • बड़ी मछलियां आजाद: कोर्ट ने कहा कि प्रभावशाली और बड़े तस्करों को हाथ नहीं लगाया जाता, जबकि वे ही इस पूरे नेटवर्क की जड़ हैं। जस्टिस कांत ने आदेश दिया कि “बड़े शार्क और प्रभावशाली लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।”

केंद्र का हस्तक्षेप और विशेष अदालतें

  • ड्रग्स की गंभीर स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दो बड़े समाधान सुझाए।
  • केंद्र-राज्य समन्वय: CJI ने कहा कि शायद अब केंद्र सरकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता है। उन्होंने राज्य सरकार से कहा कि जब केंद्र हस्तक्षेप करे, तो इसे ‘राजनीतिक दखलअंदाजी’ के रूप में न देखा जाए, बल्कि साझा लक्ष्य के रूप में लिया जाए।
  • NDPS फास्ट-ट्रैक कोर्ट: NDPS अधिनियम के तहत लंबित मामलों की भारी संख्या को देखते हुए, कोर्ट ने देश भर में विशेष NDPS कोर्ट बनाने की सुविधा प्रदान करने का वादा किया ताकि मुकदमों की सुनवाई तेजी से हो सके।

पब्लिसिटी नहीं, परिणाम चाहिए

सुप्रीम कोर्ट का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि पंजाब में नशे की समस्या अब केवल एक कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि एक सामाजिक अस्तित्व का संकट बन गई है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि जब तक पुलिस राजनीतिक दबाव या पब्लिसिटी से ऊपर उठकर मुख्य सप्लायर्स पर वार नहीं करेगी, तब तक पंजाब की युवा पीढ़ी को इस दलदल से बाहर निकालना मुश्किल होगा।

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