Friday, October 2, 2026
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Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में जज बनाम लंबित केस…73,000 से अधिक लंबित मामला; जज की संख्या 13, पढ़िए यह आंकड़े

Chhattisgarh High Court: मामला सारांश (At a Glance)

पहलूविवरण
उच्च न्यायालयछत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर
मुख्य न्यायाधीशन्यायमूर्ति रमेश सिन्हा
स्वीकृत पद vs कार्यरत जज22 स्वीकृत पद vs 13 कार्यरत जज (10 पद रिक्त)
लंबित मामले73,751 (27 जुलाई 2026 तक)
निपटान दर106.21% (2026 के पहले 7 माह में)

Chhattisgarh High Court:छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court) इस समय न्यायाधीशों की भारी कमी से जूझ रहा है। 2026 के पहले सात महीनों में 106% की शानदार निपटान दर (Disposal Rate) हासिल करने के बावजूद, कोर्ट में लंबित मामलों का आंकड़ा 73,000 के पार बना हुआ है।

अदालत की स्वीकृत संख्या (Sanctioned Strength) 22 जजों की है, लेकिन वर्तमान में मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा सहित केवल 13 जज कार्यरत हैं। इस महीने न्यायमूर्ति संजय एस. अग्रवाल और न्यायमूर्ति राधाकृष्ण अग्रवाल के सेवानिवृत्त होने से यह संख्या घटकर 11 रह जाएगी। हालांकि, ओडिशा हाई कोर्ट से न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र के स्थानांतरण के बाद प्रभावी कार्यबल 12 जजों का रह जाएगा, जिससे 10 पद खाली (Vacant) रहेंगे।

Chhattisgarh High Court: मुख्य सांख्यिकी और केस निपटान दर (Statistics & Disposal Rate)

  • 106% निपटान दर (Disposal Rate): 1 जनवरी 2026 से अब तक 30,831 नए मामले दर्ज किए गए। समन्वित निपटान अभियानों (Disposal Drives) के कारण लंबित मामलों की संख्या 75,667 से घटकर 27 जुलाई 2026 तक 73,751 पर आ गई।
  • नेट पेंडेंसी में कमी: अदालत ने नए दर्ज मुकदमों की तुलना में अधिक मामलों का निपटारा करके लंबित मामलों में 2.53% की शुद्ध कमी दर्ज की है।

Chhattisgarh High Court: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Context)

  • स्थापना: 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के तहत छत्तीसगढ़ देश का 19वां उच्च न्यायालय बना।
  • स्वीकृत पदों की यात्रा:
    • शुरुआत में स्वीकृत पद 6 थे, जिस पर केवल 3 जज कार्यरत थे।
    • 2005 में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश ए. के. पटनायक के प्रयासों से संख्या बढ़कर 8 हुई।
    • बाद में मुख्य न्यायाधीश एस. आर. नायक के कार्यकाल में इसे 10 किया गया।
    • वर्तमान में स्वीकृत क्षमता 22 की है, लेकिन नियुक्तियां हमेशा सेवानिवृत्ति और तबादलों की तुलना में धीमी रही हैं।

Chhattisgarh High Court: बार एसोसिएशन की मांग

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रजनीश सिंह बघेल ने मांग की है कि जजों की सेवानिवृत्ति के साथ ही नई नियुक्तियों की प्रक्रिया पहले से शुरू की जानी चाहिए, ताकि पद लंबे समय तक खाली न रहें और मुकदमों के निपटारे में तेजी लाई जा सके।

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