Monday, September 21, 2026
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Abroad News: वॉयस ऑफ अमेरिका पर बंदी की मार फिलहाल टला, जाने अमेरिकी संघीय न्यायाधीश का फैसला…

Abroad News:अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने कहा, आठ दशक पुराने सरकार द्वारा पोषित वॉयस ऑफ अमेरिका को फिलहाल चुप नहीं कराया जा सकता।

संघीय अदालत के न्यायाधीश जेम्स पॉल ओटकेन ने ट्रंप प्रशासन के इस आठ दशक पुराने अमेरिकी सरकार द्वारा वित्तपोषित अंतरराष्ट्रीय समाचार सेवा को बंद करने की कोशिश करने की कार्रवाई पर रोक लगा दी। न्यायाधीश ने दो टूक कहा, यह कदम मनमाना व असंगत निर्णय लेने का एक स्पष्ट उदाहरण है।

1200 कर्मियों को हटाने पर लगाई रोक

अमेरिकी एजेंसी फॉर ग्लोबल मीडिया (यूएसएजीएम) वॉयस ऑफ अमेरिका को संचालित करती है। कोर्ट ने 1,200 से अधिक पत्रकारों, इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों को हटाने से रोक दिया। इन कर्मचारियों को दो हफ्ते पहले निलंबित कर दिया गया था, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस एजेंसी के वित्त पोषण में कटौती करने का आदेश दिया था।

तमाम अनुदान को रोकने की कार्रवाई को भी किया समाप्त

न्यायाधीश ओटकेन की ओर से एक अस्थायी निषेधाज्ञा जारी की गई है। जिससे एजेंसी को कर्मचारियों को निकालने, कार्यबल कम करने, छुट्टी पर भेजने या ठेकेदारों को हटाने से रोका गया है। इसके अलावा, उसने एजेंसी को किसी भी कार्यालय को बंद करने या विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका लौटने के लिए मजबूर करने से भी रोक दिया। आदेश के तहत एजेंसी फॉर ग्लोबल मीडिया को अपने अन्य प्रसारण आउटलेट्स, जिनमें रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी, रेडियो फ्री एशिया और रेडियो फ्री अफगानिस्तान शामिल हैं, के लिए अनुदान समाप्त करने से भी रोका गया है। गुरुवार को एजेंसी ने कहा कि वह रेडियो फ्री यूरोप के वित्त पोषण को बहाल कर रही है, जब वाशिंगटन डी.सी. के एक न्यायाधीश ने उसे ऐसा करने का आदेश दिया।

वॉयस ऑफ अमेरिका के कर्मियों की मुकदमे पर अदालत में सुनवाई

मैनहट्टन में हुई एक सुनवाई में, न्यायाधीश ओटकेन ने ट्रंप प्रशासन की आलोचना की और कहा कि उसने एक स्थापित एजेंसी को बर्बाद करने का प्रयास किया, जिसे कांग्रेस द्वारा वैध रूप से वित्त पोषित किया गया था। उन्होंने एजेंसी के नेतृत्व, जिसमें विशेष सलाहकार कारी लेक भी शामिल हैं, पर रातों-रात अमेरिकी सरकार के इस वैश्विक समाचार माध्यम को बंद करने का आरोप लगाया, बिना यह सोचे कि इसके क्या प्रभाव हो सकते हैं। यह मुकदमा वॉयस ऑफ अमेरिका के पत्रकारों, श्रमिक संघों और गैर-लाभकारी पत्रकारिता संरक्षण समूह ‘रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स’ द्वारा दायर किया गया था।

वीओए को फिर से प्रसारित किए जाने की मांग

अदालत में दायर मुकदमे में ट्रंप प्रशासन की फंड कटौती को रोकने की मांग की थी। अंततः, वे वॉयस ऑफ अमेरिका को फिर से प्रसारित करने की अनुमति दिलाना चाहते हैं। वादी पक्ष का तर्क था कि यह बंदी एक अदालत के उस पूर्व निर्णय का उल्लंघन करती है, जिसमें कहा गया था कि वॉयस ऑफ अमेरिका के पत्रकारों को व्हाइट हाउस के हस्तक्षेप से बचाने के लिए एक मुक्त अभिव्यक्ति सुरक्षा प्रदान की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि उनके न होने से वैश्विक समाचार माध्यमों पर प्रचार फैलाने वालों का कब्जा हो जाएगा।

ट्रंप प्रशासन की आलोचना

राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य रिपब्लिकन नेताओं ने वॉयस ऑफ अमेरिका पर वामपंथी पूर्वाग्रह का आरोप लगाया है और कहा है कि यह संगठन वैश्विक दर्शकों को अमेरिकी मूल्यों को उचित रूप से नहीं दर्शा रहा है। हालांकि, कांग्रेस ने इसे एक गैर-पक्षपाती समाचार संगठन के रूप में कार्य करने का निर्देश दिया है। वॉयस ऑफ अमेरिका ने 14 मार्च को ट्रंप के एक कार्यकारी आदेश के बाद प्रसारण बंद कर दिया। इस आदेश में ट्रंप प्रशासन ने यूएसएजीएम और छह अन्य संघीय एजेंसियों के वित्त पोषण में कटौती कर दी थी।

कट्‌टरपंथी प्रचार पर खर्च न होने का ट्रंप प्रशासन ने दिया था हवाला

व्हाइट हाउस ने इस समाचार सेवा को “द वॉयस ऑफ रेडिकल अमेरिका” कहा और दावा किया कि ट्रंप का आदेश यह सुनिश्चित करेगा कि करदाताओं का पैसा अब किसी “कट्टरपंथी प्रचार” पर खर्च न हो। प्रशासन ने इसे पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के पक्ष में झुकी हुई कवरेज, श्वेत विशेषाधिकार (व्हाइट प्रिविलेज), नस्लीय भेदभाव (रेसियल प्रोफाइलिंग) और ट्रांसजेंडर शरणार्थियों पर अधिक ध्यान देने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने चालू वित्त वर्ष के लिए यूएसएजीएम को लगभग 860 मिलियन डॉलर आवंटित किए हैं।

कर्मियों ने कहा, कानूनी लड़ाई जारी रहेगी

वाशिंगटन, डी.सी. में तीन अन्य संघीय मुकदमे भी इन कटौतियों को चुनौती दे रहे हैं। इनमें एक मुकदमा वॉयस ऑफ अमेरिका के निदेशक और तीन पत्रकारों द्वारा दायर किया गया है। ओटकेन ने कहा कि वह सरकार के इस मामले को वाशिंगटन स्थानांतरित करने के अनुरोध पर बाद में फैसला करेंगे। वॉयस ऑफ अमेरिका का इतिहास द्वितीय विश्व युद्ध से शुरू होता है, जब इसे तानाशाही शासनों में स्वतंत्र प्रेस की गैर-मौजूदगी को संतुलित करने के लिए स्थापित किया गया था। यह संगठन नाजी प्रचार का मुकाबला करने के लिए शुरू किया गया था और शीत युद्ध के दौरान कम्युनिज़्म के प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मुकदमे के अनुसार, 15 मार्च को कर्मचारियों को अपने लाइव प्रसारण समाप्त करने के बाद भवन खाली करने के लिए कहा गया। जल्द ही, उन्होंने एजेंसी के कंप्यूटर सिस्टम, ईमेल सहित, अपनी सभी पहुंच खो दी। वॉयस ऑफ अमेरिका की समाचार वेबसाइट तब से अपडेट नहीं की गई है।

टीवी एंकर कारी लेक ने कहा, किसी भी स्थिति में अमेरिका विरोधी प्रचार नहीं फैलाएंगे

कारी लेक, जो पूर्व में एक टीवी समाचार एंकर और राजनीतिक उम्मीदवार रह चुकी हैं, ने कहा कि वह यह निर्धारित करने की कोशिश कर रही हैं कि इन आउटलेट्स को न्यूनतम कानूनी कर्मचारियों के साथ कैसे संचालित किया जाए। लेक ने वन अमेरिका न्यूज नेटवर्क को दिए इंटरव्यू में कहा, कुछ कर्मचारियों को काम पर वापस बुला लिया गया है और कम से कम एक सेवा, क्यूबा में रेडियो मार्टी, दोबारा प्रसारण शुरू कर चुकी है। हमें मुकदमों का सामना करना पड़ेगा, “यह हमारे लिए कोई नई बात नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप और मैं, दोनों कानूनी युद्ध (लॉफेयर) के शिकार रहे हैं। वे वही लोग हैं, जो ट्रंप प्रशासन को हर कदम पर बाधित करना चाहते हैं। लेक ने व्हाइट हाउस के विचारों को दोहराते हुए कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि ये एजेंसियां अमेरिकी मूल्यों के अनुरूप हों। हम अमेरिका की कहानी कह रहे हैं, न कि अपने विरोधियों की। हम किसी भी स्थिति में अमेरिका विरोधी प्रचार नहीं फैलाएंगे।

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