HomeArticlesSC News: बजट का लगभग 25 फीसदी Rural Development पर लगाएं…पुस्तकालय, पेयजल...

SC News: बजट का लगभग 25 फीसदी Rural Development पर लगाएं…पुस्तकालय, पेयजल आदि पर हो खर्च, यह रही सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

SC News: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अब समय आ गया है जब राज्य सरकारें अपने बजट का लगभग 25 प्रतिशत ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर खर्च करें, जिससे देश का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।

केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश जारी किए

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन कोटिस्वर सिंह की पीठ ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और स्वच्छता को महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए कहा कि सरकारों को इन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। शीर्ष अदालत ने संकेत दिया कि उचित मामलों में केंद्र और राज्य सरकारों को इस संबंध में निर्देश भी दिए जा सकते हैं।

गांवों में लाइब्रेरी खोलने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

पीठ मुंडोना रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ग्राम पंचायतों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय स्थापित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश देने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और स्वच्छता ग्रामीण भारत के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। अब समय आ गया है कि राज्य अपनी ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर बजट का 25% निवेश करें ताकि देश का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके। याचिका का निपटारा करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “यह स्पष्ट है कि गांवों में पुस्तकालयों की स्थापना से लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्कृति और ज्ञान तक पहुंच को बढ़ावा मिलेगा।

सीएसआर फंडिंग से लाइब्रेरी स्थापित करने पर विचार करने का सुझाव

अदालत ने राज्यों को ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालयों की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। पीठ ने कहा, हम आशा और विश्वास करते हैं कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंडिंग का उपयोग करके कुछ प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की जमीनी इकाइयां हैं और उन्हें ग्रामीण विकास व सामाजिक न्याय की विभिन्न योजनाओं को लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, ये योजनाएं मुख्य रूप से राज्य सरकारों या उनकी एजेंसियों से मिलने वाली वित्तीय सहायता पर निर्भर करती हैं।

गांवों में पुस्तकालय स्थापित करना निस्संदेह एक सराहनीय पहल है…

पीठ ने कहा, गांवों में पुस्तकालय स्थापित करना निस्संदेह एक सराहनीय पहल है, क्योंकि यह बच्चों और युवाओं को इतिहास, संस्कृति, संवैधानिक मूल्यों और नागरिकों के अधिकारों व कर्तव्यों से अवगत कराएगा। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है और इन सुविधाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय नीति-निर्माताओं के विवेक पर छोड़ना होगा। पीठ ने कहा कि “बगैर प्रासंगिक आंकड़ों के, यह तय करना अदालत के लिए व्यावहारिक नहीं होगा कि कौन-सी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और किन्हें नहीं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Patna
haze
29 ° C
29 °
29 °
65 %
3.1kmh
40 %
Wed
38 °
Thu
39 °
Fri
39 °
Sat
36 °
Sun
37 °

Recent Comments