Ratan’s Assets: दुनिया भर में मशहूर उद्योगपति रतन टाटा की वसीयत में जिन शेयरों का जिक्र नहीं था, वे अब उनकी चैरिटी संस्थाओं को मिलेंगे।
वसीयत के बारे में कोर्ट ने दिए निर्देश
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि रतन टाटा के पास मौजूद सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के वे शेयर, जिनका उनकी वसीयत में अलग से जिक्र नहीं है, वे रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन और रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट को बराबर हिस्से में दिए जाएंगे।
86 वर्ष की उम्र में रतन टाटा का हुआ निधन
रतन टाटा का निधन 9 अक्टूबर 2023 को 86 साल की उम्र में हुआ था। उन्होंने 23 फरवरी 2022 को अपनी वसीयत बनाई थी। इसके बाद उन्होंने चार कोडिसिल (वसीयत में बदलाव या जोड़) किए थे। ये कोडिसिल 6 अप्रैल 2022, 30 सितंबर 2022, 24 मार्च 2023 और 22 दिसंबर 2023 को बनाए गए थे।
कोडिसिल के आधार पर कोर्ट का फैसला
न्यायमूर्ति मनीष पिटाले की बेंच ने कहा कि कोडिसिल वसीयत का हिस्सा होते हैं और वसीयत को कोडिसिल में किए गए बदलावों के साथ ही पढ़ा जाएगा। कोर्ट ने कहा, “चूंकि कोडिसिल वसीयत में बदलाव करता है, इसलिए वसीयत को कोडिसिल के साथ मिलाकर पढ़ा जाएगा। इस आधार पर यह तय किया गया कि जिन शेयरों का वसीयत में अलग से जिक्र नहीं है, वे रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन और ट्रस्ट को बराबर हिस्से में मिलेंगे।
वसीयत के निष्पादकों ने मांगी थी कोर्ट से स्पष्टता
रतन टाटा की वसीयत को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं था, लेकिन वसीयत के निष्पादक—उनकी सौतेली बहन शिरीन, डीन जेमसेटजी जेजीभॉय, वकील डेरियस खबाता और उनके मित्र मेहली के मिस्त्री—ने कोर्ट से यह स्पष्ट करने की मांग की थी कि वसीयत और कोडिसिल को किस तरह पढ़ा जाए।
कोर्ट ने निष्पादकों को दी कानूनी खर्च की अनुमति
कोर्ट ने यह भी कहा कि वसीयत के निष्पादकों को इस कानूनी प्रक्रिया में हुए खर्च की भरपाई रतन टाटा की संपत्ति से की जाएगी। इसके साथ ही कोर्ट ने यह मामला निपटा दिया।

